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SAIL में बोकारो स्टील प्लांट बना नंबर वन, पहली तिमाही में दर्ज किया रिकॉर्ड मुनाफा

Published: Sun, 26 Jul 2026 04:48 PM (IST)

SAIL: बोकारो स्टील प्लांट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 97.82 करोड़ से 715.57 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया।

सेल का बोकारो स्टील प्लांट।(फाइल फोटो)

सेल का बोकारो स्टील प्लांट।(फाइल फोटो)

जागरण संवाददाता, बोकारो। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में नवाचार, मूल्यवर्धित उत्पादों, ऊर्जा दक्षता और संसाधनों के बेहतर उपयोग के दम पर बोकारो स्टील प्लांट ने सेल के सभी एकीकृत संयंत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

उत्पादन के साथ लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता में सुधार का सीधा असर मुनाफे पर दिखा। परिचालन राजस्व 9.37 प्रतिशत बढ़कर 5,376 करोड़ रुपये से 5,880 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि ईबीआइटीडीए लगभग दोगुना होकर 588 करोड़ रुपये से 1,154 करोड़ रुपये हो गया।

ईबीआइटीडीए मार्जिन 10.94 प्रतिशत से बढ़कर 19.62 प्रतिशत रहा, जो सेल के सभी एकीकृत संयंत्रों में सबसे अधिक है। कर पूर्व लाभ (पीबीटी) 97.82 करोड़ रुपये से बढ़कर 715.57 करोड़ रुपये पहुंच गया।

यह उपलब्धि बताती है कि संयंत्र ने केवल उत्पादन नहीं बढ़ाया, बल्कि प्रत्येक टन इस्पात की लाभप्रदता भी बेहतर की है।

उत्पादन, ऊर्जा दक्षता और संसाधन प्रबंधन में नए कीर्तिमान

पहली तिमाही में उत्पादन के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में नए रिकॉर्ड बने। ओवन पुशिंग, ग्रास सिंटर, हॉट मेटल, क्रूड स्टील और बिक्री योग्य कोल्ड रोल्ड उत्पादन में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया गया।

17 मई को 22,516 टन ग्रास सिंटर तथा 22 अप्रैल को 18,206 टन हॉट मेटल का नया दैनिक रिकॉर्ड बना। जून में प्रतिदिन औसतन 531 ओवन पुशिंग भी नया कीर्तिमान रहा। इसके साथ ही कोल डस्ट इंजेक्शन की दर बढ़ने से कोक की खपत घटी और ब्लास्ट फर्नेस की दक्षता बढ़ी।

विशिष्ट ऊर्जा खपत घटकर 6.314 गीगाकैलोरी प्रति टन क्रूड स्टील रही, जबकि जून में यह 6.274 गीगाकैलोरी प्रति टन के नए न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई। जल संरक्षण और कच्चे माल के बेहतर प्रबंधन से उत्पादन लागत कम करने में भी उल्लेखनीय सफलता मिली।

मूल्यवर्धित उत्पादों और विस्तार योजना से भविष्य की मजबूत नींव

बिक्री और मूल्यवर्धित इस्पात उत्पादों ने भी पहली तिमाही की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जून में कोल केमिकल्स की रिकॉर्ड 38.92 करोड़ रुपये की बिक्री हुई, जबकि सेकेंडरी स्टील का भंडार न्यूनतम स्तर पर रहा। इससे बाजार की मांग और उत्पादन के बीच बेहतर संतुलन स्थापित हुआ।

संयंत्र ने सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन के साथ ठेका श्रमिकों के योगदान को भी सम्मानित किया। बोकारो स्टील अब वर्ष 2030 तक अपनी उत्पादन क्षमता लगभग 7.50 मिलियन टन करने की दिशा में काम कर रहा है।

विशेष और मूल्यवर्धित इस्पात उत्पादों के विकास पर जोर देकर संयंत्र आत्मनिर्भर भारत अभियान तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप अपनी स्थिति और मजबूत करने की तैयारी में है।

 

परिचालन राजस्व : 5,376 करोड़ से 5,880 करोड़ रुपये (9.37 प्रतिशत वृद्धि)

ईबीआइटीडीए : 588 करोड़ से 1,154 करोड़ रुपये

पीबीटी : 97.82 करोड़ से बढ़कर 715.57 करोड़ रुपये