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देखो, देखो, देखो... यह है बोकारो की सड़क; गड्ढों में डुबकी, किनारे केला और हेमंत सरकार पर तंज

Published: Tue, 01 Sep 2026 07:05 PM (GMT+05:30)

Bokaro News: जैनामोड़-फुसरो मार्ग की बदहाली से राहगीर लगातार चोटिल हो रहे हैं, जबकि लाखों खर्च के बाद भी सड़क गड्ढों से भरी है।

HighLights

  1. जैनामोड़-फुसरो मार्ग पर 50 से अधिक लोग चोटिल हुए।

  2. मरम्मत पर 78 लाख खर्च के बाद भी सड़क जर्जर।

  3. कंटेंट क्रिएटर रील बनाकर सरकार पर कस रहे तंज।

संवाद सहयोगी, जैनामोड़ (बोकारो)। झारखंड के बोाकरो जिले में जैनामोड़-फुसरो मार्ग की बदहाली अब सीधे-सीधे राहगीरों की जान पर भारी पड़ने लगी है। सड़क की मरम्मत पर करीब 78 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क फिर गड्ढों में तब्दील हो गई है।

स्थिति यह है कि बारिश का पानी भरने के बाद सड़क और गड्ढे में अंतर करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में चार दिनों के दौरान बाइक, स्कूटी, साइकिल और अन्य छोटे वाहनों से चलने वाले 50 से अधिक लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन पथ निर्माण विभाग अब भी ठोस कार्रवाई के बजाय बारिश थमने का इंतजार कर रहा है।

रील बनाकर सरकार को कोस रहे कंटेंट क्रिएटर

झारखंड सरकार और पथ निर्माण विभाग द्वारा सड़क की बदहाली का नोटिस नहीं लेने पर कंटेंट क्रिएटर सक्रिय हो गए हैं। सड़क में बने गड्ढे में जमा पानी के पास बैठकर तरह-तरह की रील बनाकर हेमंत सरकार पर तंज कस रहे हैं। कोई गंगा नदी समझकर डुबकी लगा रहा है, तो कोई गोवा का बीच बताकर इसके किनारे बैठकर केला खा रहा है।

सड़क की बदहाली अब केवल स्थानीय शिकायत तक सीमित नहीं रह गई है। कंटेंट क्रिएटर और आम लोग इस जर्जर मार्ग पर वीडियो और रील बनाकर सरकार, विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।

इंटरनेट मीडिया पर सड़क के गड्ढों, उनमें भरे पानी और वाहन चालकों की परेशानी के वीडियो साझा किए जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी सड़क की गंभीर समस्या पर अपेक्षित हस्तक्षेप नहीं किया। लगातार शिकायतों, खबरों और हादसों के बाद भी सड़क की स्थिति में सुधार नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

जैनामोड़ को राजधानी रोड फोरलेन और जीटी रोड से जोड़ने वाला यह मार्ग बेरमो कोयलांचल और बोकारो लोहांचल के बीच महत्वपूर्ण संपर्क कड़ी है। प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। भारी वाहनों से कोयला, छाई और स्लैग की ढुलाई भी लगातार होती है। इसके बावजूद महत्वपूर्ण मार्ग के रखरखाव को लेकर विभाग की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं।

ठाकुरटांड़ के पास सड़क बनी गड्ढों की श्रृंखला

सबसे भयावह स्थिति ठाकुरटांड़ गांव के समीप है। यहां सड़क पर एक-दो नहीं, बल्कि बड़े-बड़े और लगातार गड्ढों की श्रृंखला बन गई है। बारिश का पानी इनमें भर जाने से उनकी गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया चालक अचानक गड्ढे में फंसकर अनियंत्रित हो रहे हैं, जबकि ऑटो और चारपहिया वाहन भी हिचकोले खाते हुए गुजर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय स्थिति और खतरनाक हो जाती है। कई जगह सड़क तालाब जैसी दिखाई देने लगी है। चार दिनों में 50 से अधिक लोगों के गिरकर चोटिल होने की बात सामने आ चुकी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

वैकल्पिक रास्ते से बोकारो जाने लगे बेरमो के लोग

सड़क की बदहाली का असर आम यात्रियों की दिनचर्या पर भी पड़ने लगा है। बेरमो क्षेत्र के कई लोग अब जैनामोड़-फुसरो मार्ग से यात्रा करने के बजाय तातरी, भंडारीदह और चंद्रपुरा होते हुए बोकारो जाना पसंद कर रहे हैं।

उनका कहना है कि दूरी भले बढ़ जाती है, लेकिन जर्जर सड़क और दुर्घटना के खतरे से बचा जा सकता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क के गहरे गड्ढों और जलजमाव का स्थायी समाधान जल्द नहीं किया गया तो आम लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर सकता है।

उन्होंने पथ निर्माण विभाग और क्षेत्र के सांसद-विधायक से तत्काल हस्तक्षेप कर राहगीरों को सुरक्षित यात्रा की सुविधा देने की मांग की है।

 

सड़क की हालत गंभीर है। फिलहाल गड्ढों को भरने का काम किया जा रहा है। सड़क जर्जर होने के बाद करीब 78 लाख रुपये की लागत से वर्ष भर पहले मरम्मत कराई गई थी। वर्तमान में सड़क निर्माण को लेकर टेंडर हो चुका है। बारिश थमने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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कनीय अभियंता, पथ निर्माण विभाग