बोकारो : अभी आप गाड़ी खरीद रहे हैं, थोक में कपड़ा, गहना, या पेट्रोल व डीजल के थोक खरीद पर चुनाव आयोग की नजर है। प्रत्येक दिन होने वाले आर्थिक गतिविधि पर विशेष नजर रखा जा रही है। सभी वाहनों के शो-रूम, होम एप्लायंसेज के शो-रूम, ब्रांडेड कपड़े की दुकान ज्वेलरी शॉप के साथ-साथ पेट्रोल पंप संचालकों से पूरा हिसाब लिया जा रहा है। इस निगरानी प्रक्रिया के माध्यम से आयोग जानने की कोशिश कर रहा है कि कहीं कोई प्रत्याशी चुनाव को लेकर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए कोई गिफ्ट या सुविधा तो नहीं दे रहा है। जहां से भी थोक खरीद हो रही है। उसकी जांच की जा रही है। खास कर मोटरसाइकिल, कार सहित अन्य वाहनों की खरीद करने वाले एवं पैसे के भुगतान करने वाले लोगों के बारे में विशेष जानकारी देने को कहा गया है। खरीददार का पूरा ब्यौरा प्रत्येक दूसरे दिन व्यय एवं लेखा कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी वाणिज्यकर उपायुक्त को देना है।

कैसे रखी जा रही है निगरानी :

चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए सभी श्रेणी के प्रमुख व्यवसायियों का अलग-अलग वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। जिस पर व्यवसायियों को अपनी रिपोर्ट देनी है। इसमें बेचे गए सामान की संख्या, उसका कुल मूल्य, भुगतान का तरीका कैश या चेक तथा खरीददार का पूरा ब्यौरा मोबाइल सहित देना है। यदि इसमे कोई संदेहास्पद या भारी मात्रा में खरीद हो रही है तो उसकी जांच वाणिज्य कर विभाग एवं आयकर विभाग करेगा।

बैंकों को भी देना है बड़े ट्रांजेक्शन का हिसाब : बैंकों को भी वैसे खाते का ब्यौरा देना हैं जहां चुनाव की तिथि की घोषणा के बाद से अचानक राशि की आमद बढ़ गई हो या फिर किसी खाते से नगदी की राशि का अधिक निकासी हो रही हो। इसके लिए गोपनीय रिपोर्ट सभी शाखा प्रबंधक अपने क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से आयकर विभाग को दे रहे हैं।

Posted By: Jagran

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