आद्रा मंडल में रेलवे ट्रैक से शव हटाने के लिए नई रणनीति, ट्रेनें नहीं होंगी लेट
South Eastern Railway Update: रेलवे ट्रैक पर शव मिलने से होने वाली देरी को रोकने के लिए आद्रा मंडल ने नई गाइडलाइन जारी की है।

ट्रैक पर शव के कारण खड़ी ट्रेन। (प्रतीकात्मक फोटो)
अरविंद, बोकारो। रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की घटनाओं के बाद अब इसे हटाने में अनावश्यक देरी नहीं होगी। दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल ने रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने वाली बैठक के बाद संयुक्त आदेश जारी किया है।
आरपीएफ के मंडल सुरक्षा आयुक्त ओम प्रसाद मोहंती ने 11 अगस्त को बोकारो, धनबाद, सरायकेला-खरसावां, पुरुलिया, बांकुड़ा और पश्चिम बंगाल के संबंधित पुलिस अधिकारियों को इस रणनीति की प्रति भेजी है। अधिकांश मामलों में ट्रेन से कटने या ट्रैक पर शव मिलने के बाद शव कई घंटों तक पड़ा रहता है, जिससे यात्री और मालगाड़ियों को रोकना पड़ता है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जून माह में रेलवे अधिकारियों, आरपीएफ, जीआरपी और पुलिस अधिकारियों की समन्वय बैठक हुई थी। बैठक में तय प्रक्रिया के अनुसार, स्टेशन सीमा के भीतर घटना होने पर लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, ट्रैकमैन और अन्य रेलवे कर्मचारियों को तुरंत स्टेशन मास्टर को सूचना देनी होगी।
स्टेशन मास्टर इस सूचना को आपरेटिंग कंट्रोल, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस को देंगे। आरपीएफ पोस्ट के प्रभारी अधिकारी घटनास्थल पर तुरंत पहुंचेंगे। घटनास्थल की फोटो और वीडियो तैयार किए जाएंगे, ताकि बाद में पुलिस जांच में इसका उपयोग किया जा सके। ब्लाक सेक्शन में घटना होने पर भी निकटतम स्टेशन मास्टर को सूचना दी जाएगी।
आदेश में कहा गया है कि शव को कई लोगों द्वारा उठाने से बचना चाहिए, ताकि फिंगरप्रिंट या अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित न हों। शव को केवल उतनी ही दूरी तक हटाया जाए, जितना सुरक्षित ट्रेन के आने और जाने के लिए आवश्यक हो। शव और उसके आसपास के क्षेत्र की फोटोग्राफी तथा अलग-अलग कोणों से वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी।
जीआरपी या पुलिस के पहुंचने तक आरपीएफ घटनास्थल और शव की सुरक्षा करेगा। पुलिस के पहुंचने के बाद आवश्यक रिपोर्ट और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर शव को हटाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति घायल है, तो उसकी जान बचाना प्राथमिकता होगी।
स्टेशन मास्टर को तुरंत एंबुलेंस की व्यवस्था कर घायल को अस्पताल भेजने की दिशा में पहल करनी होगी। शव मिलने की स्थिति में रेलवे एक हजार रुपये अलग से शव हटाने के लिए देगा।
इस प्रक्रिया से शव को ट्रैक से तुरंत हटाया जा सकेगा और ट्रेनें विलंब नहीं होंगी। एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल रहेगी और विलंब की वजह से यात्रियों को परेशानी नहीं होगी।
