संवाद सहयोगी, पौनी : क्षेत्र के करीब 30 गांवों के लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। तापमान कम हो या फिर ज्यादा, लोगों की समस्या बरकरार है। पीने का पानी नहीं होने पर लोगों को आज भी गम हो या खुशी पहले पानी का जुगाड़ करना पड़ता है। इस समय विभाग आवश्यकता से एक तिहाई ही जलापूर्ति कर पा रहा है। विभाग के अनुसार बरसात को छोड़ सर्दियों व गर्मियों में जलस्रोत सूखने लगते हैं, जिससे यह समस्या सामने आती है।

इन दिनों तहसील में पड़ते खैरालेड़, गजोड़, काना, डब खालसा, लेतर, संगड़ और धनुआ गांव में पीने के पानी की भारी किल्लत है। लोगों को प्रतिदिन पीने के लिए हजारों लीटर पानी की जरूरत है, लेकिन पीएचई विभाग की तरफ से लोगों को पर्याप्त मात्रा में सप्लाई उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। ब्लॉक चेयरमैन पवन कुमार शर्मा का कहना है कि खैरालेड़, गजोड़ क्षेत्र में रोजना 30 हजार लीटर पानी की जरूरत है, लेकिन विभाग की तरफ से मात्र 5 से 10 हजार लीटर पानी की सप्लाई रोजना दी जा रही है। भांवला और लेतर में करीब 40 हजार लीटर पानी की रोजाना जरूरत है, लेकिन ग्रामीणों तक सप्लाई मात्र 10 हजार लीटर पानी की ही पहुंच रही है। इसी तरह से पौनी बाजार और आस-पास के नजदीक पड़ते गांव पुरेया, काना, लैड़, सुंगल, कैंका, ध्रमन, वियुलियां आदि में रोजाना करीब 60 हजार लीटर पीने के पानी की जरूरत है, लेकिन लोगों को मात्र 20 हजार लीटर पानी की सप्लाई ही मिल रही है। संगड़ और पोरा कोटला पंचायत में आज भी लोग पीने के पानी को तरस रहे हैं। घरों पर गम हो या फिर खुशी हर परिवार को बाल्टी भर पानी लाना पड़ता है, ताकि घर पर आए मेहमानों को पीने के पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े। इतना ही नहीं उक्त दोनों पंचायतों में कई लोग बारिश का पानी इकट्ठा करने के बाद कई दिनों तक उसका प्रयोग करते हैं। पौनी तहसील में हैं 50 वाटर सप्लाई स्कीमें

पीने के पानी को लेकर लोग कई बार स्थानीय प्रशासन को अवगत कराने के बाद धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन विभाग पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। क्षेत्र में 70 हजार के करीब आबादी है, जिसमें करीब 50 हजार लोग पीएचई की तरफ से मिलने वाले पानी की सप्लाई पर निर्भर हैं। इलाके में पीएचई की तरफ से करीब 50 वाटर सप्लाई स्कीम चालू की गई हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों को पर्याप्त मात्रा में पीने के पानी की सप्लाई उपलब्ध नहीं हो पा रही है। पौनी नाला से अपर बाजार व मुख्य बाजार स्थित लैड, सुंगल, काना तथा सान नाला से लेतर पंचायत, काना व पौनी पंचायत के कई गांव में सप्लाई दी जाती है। भांवला में वीसी नाला, रनसू में संगड़ व शिवखोड़ी, त्योट में अलैआ व गजोड़ कोठियां आदि क्षेत्रों में पीएचई की काफी स्कीमें मौजूदा समय पर चल रहीं हैं, लेकिन कर्मचारी समय के मुताबिक लोगों को सप्लाई नहीं पहुंचा पा रहे हैं। पौनी क्षेत्र में जिन गांवों में सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है, उनमें नई स्कीमें शुरू करने के लिए सर्वे हो चुके हैं। मंजूरी के लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजे हुए हैं। मौजूदा समय में मुख्य जलस्त्रोतों में पानी की कमी चल रही है, जिसके कारण लोगों को सप्लाई कम मिल रही है। आने वाले समय में समस्या दूर कर दी जाएगी।

- सुरेश गोस्वामी, एईई, पीएचई विभाग

Posted By: Jagran

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