संवाद सहयोगी, ऊधमपुर : लोक विकास दल द्वारा प्रधान विक्रम सिंह सलाथिया के नेतृत्व में सलाथिया चौक पर विलय दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। विलय के सूत्रधार जम्मू-कश्मीर रियासत के अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह को श्रद्धांजलि प्रदान की गई।

इस अवसर पर सलाथिया ने बताया कि विलय दिवस का जम्मू-कश्मीर व देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान है। 26 अक्टूबर 1947 को महाराजा हरि सिंह ने भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल लार्ड माउंट बेटेन के साथ विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। अंतत: जम्मू-कश्मीर रियासत भारतीय संघ का हिस्सा बना। उन्होंने कहा कि इस दिन के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए लोक विकास दल द्वारा हर वर्ष विलय दिवस सलाथिया चौक पर बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि तमाम मांगों के बावजूद विलय दिवस पर अवकाश घोषित नहीं हो पाया है। उन्होंने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मांग करते हुए कहा कि 26 अक्टूबर के भारतीय इतिहास में महत्व को देखते हुए इस दिन छुट्टी घोषित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने महाराजा हरि सिंह के जन्मदिवस 23 सितंबर को भी छुट्टी घोषित करने की मांग दोहराई है। सलाथिया ने तमाम जनता से अपील करते हुए कहा कि सभी विलय दिवस को एक त्योहार की तरह मनाएं। इस साल विलय दिवस कुछ विशेष है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर की देश के साथ एकता में बाधक अनुच्छेद 370 का खात्मा हो गया है। देश में एक विधान, एक निशान का सपना साकार हो गया है। इस अवसर पर कुलदीप सिंह, राम कुमार, सुदेश, जगजीत सिंह, मोहिद्र, मोहन सिंह, राम किशोर, उमेश सहित अन्य मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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