Vaishno Devi Yatra: मां वैष्णो देवी की यात्रा जारी, श्रद्धालुओं के लिए बैटरी कार मार्ग खुला
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं के लिए बैटरी कार मार्ग खोल दिया है, जिससे यात्रा बिना किसी ...और पढ़ें

मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन के लिए भवन की ओर बढ़ते श्रद्धालु। फोटो : जागरण
HighLights
श्रद्धालुओं के लिए बैटरी कार मार्ग खोला गया।
हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित, अन्य सुविधाएं जारी।
सुरक्षा दल तैनात, यात्रा बिना बाधा चल रही।
जागरण संवाददाता, कटड़ा। शुक्रवार का दिन मां वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए राहत भरा रहा। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण बैटरी कार मार्ग को खोल दिया। वहीं, सुबह कुछ घंटे तक हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध रही। इसके साथ ही मां वैष्णो देवी का नया ताराकोट मार्ग भी पूरी तरह सुचारू रहा। सभी मार्ग खुले होने से श्रद्धालु उत्साह और श्रद्धा के साथ भवन की ओर रवाना होते रहे।
शुक्रवार को दोपहर तक मौसम में सूर्य और बादलों के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा। इसके बाद आसमान के साथ-साथ त्रिकूट पर्वत पर भी बादलों का जमघट बना रहा और ठंडी हवाएं चलती रहीं। हालांकि, मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवा दिन के अधिकांश समय प्रभावित रही। इसके बावजूद घोड़ा-पिट्ठू, पालकी, रोपवे और बैटरी कार जैसी सुविधाएं श्रद्धालुओं को उपलब्ध रहीं।
पुलिस-सीआरपीएफ के साथ आपदा प्रबंधन टीमें तैनात
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आपदा प्रबंधन दल, श्राइन बोर्ड प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं। सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन टीमें लगातार यात्रा मार्ग की निगरानी कर रही हैं। मौसम के मौजूदा मिजाज को देखते हुए बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन फिलहाल सभी यात्रा मार्ग सुचारू हैं और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा।
सुहावने मौसम और ठंडी हवाओं के बीच श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए निरंतर भवन की ओर बढ़ रहे हैं। श्राइन बोर्ड प्रशासन की ओर से भी मौसम पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए जा सकें।
21 अगस्त को दोपहर तीन बजे तक 14 हजार श्रद्धालु रवाना
20 अगस्त, वीरवार को करीब 21 हजार श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाई थी। वहीं, 21 अगस्त शुक्रवार को दोपहर तीन बजे तक करीब 14 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला लगातार जारी था।
