वैष्णो देवी में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम, पिट्ठू-घोड़ा चालकों का होगा सख्त सत्यापन
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ सचिन कुमार वैश्य ने नवरात्र में सुगम यात्रा के लिए तैयारियों की ...और पढ़ें

कंट्रोल रूम से होगी रियल-टाइम निगरानी।
HighLights
सीईओ ने नवरात्र वैष्णो देवी यात्रा की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की
आरएफआईडी जांच के लिए प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त स्कैनर तैनात होंगे
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाएगी, भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान
जागरण संवाददाता, कटड़ा। पवित्र शारदीय नवरात्र को लेकर श्री माता वैष्णो देवी यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आगामी 11 से 20 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्र महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के कटड़ा और भवन पहुंचने की संभावना को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सचिन कुमार वैश्य ने मंगलवार को तैयारियों की व्यापक समीक्षा की।
उन्होंने श्राइन बोर्ड के केंद्रीय कार्यालय स्थित कांफ्रेंस हाल में स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में अतिरिक्त सीईओ, एसएसपी रियासी, सीआरपीएफ कमांडेंट, संयुक्त सीईओ, एसडीएम कटड़ा, एसडीएम भवन, एसपी कटड़ा, श्राइन बोर्ड के सहायक सीईओ, एसडीपीओ कटड़ा, एसडीपीओ रेलवे के अलावा सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं, एसडीआरएफ, आईबी सहित अन्य संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
नवरात्र में श्रद्धालुओं को न हो कोई परेशानी
सीईओ ने कहा कि नवरात्र के दौरान कटड़ा आधार शिविर से लेकर भवन तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहने की संभावना है। ऐसे में सभी संबंधित विभाग और सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत रखने के साथ अग्निशमन व्यवस्था और मॉक ड्रिल नियमित रूप से करने के निर्देश दिए।
उन्होंने एसडीआरएफ को श्राइन बोर्ड की डिजास्टर मैनेजमेंट टास्क फोर्स के साथ मिलकर संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने तथा भीड़ प्रबंधन की क्षमता को और मजबूत करने को कहा।
साथ ही यात्रा मार्ग पर नियमित रूप से सार्वजनिक उद्घोषणाएं करने, संयुक्त बीट मॉनिटरिंग के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित करने और आवश्यकता के अनुसार निर्धारित होल्डिंग एरिया का उपयोग करने के निर्देश दिए।
श्रद्धालु के पास वैध आरएफआईडी कार्ड होना अनिवार्य
सीईओ ने सभी सेक्टरों में आवश्यक बचाव उपकरण तैयार रखने तथा वायरलेस संचार व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर संचार नेटवर्क और पर्याप्त आधारभूत ढांचा यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए बेहद जरूरी है।
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बैठक में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया। सीईओ ने कहा कि आईसीसीसी के माध्यम से यात्रा मार्ग और भीड़ की रियल टाइम निगरानी, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय तथा किसी भी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मां वैष्णो देवी की यात्रा करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के पास वैध आरएफआईडी कार्ड होना अनिवार्य है। इसकी सख्ती से जांच के लिए प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त हैंडहेल्ड आरएफआईडी स्कैनर तैनात किए जाएंगे और जांच व निगरानी के लिए पर्याप्त कर्मियों की व्यवस्था की जाएगी।
स्वच्छ पेयजल और भोजन की होगी सुविधा
बैठक में पिट्ठू और घोड़ा संचालकों के सत्यापन की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। फर्जी पहचान के मामलों को रोकने और केवल पंजीकृत व वास्तविक सेवा प्रदाताओं को ही यात्रा मार्ग पर काम करने की अनुमति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा कटड़ा में स्वच्छता, पेयजल सुविधा तथा अंधेरे वाले स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के साथ उनका आवागमन सुचारु बना रहे।
एसएसपी रियासी और सीआरपीएफ कमांडेंट ने बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भवन मार्ग पर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य अर्धसैनिक बलों की बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर क्विक रिस्पांस टीमों (क्यूआरटी) की तैनाती सहित अन्य सुरक्षा उपायों को भी प्रभावी बनाया जा रहा है।
