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वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए बड़ा एलान, नवरात्र पर बैटरी कार-पोनी और पालकी सेवा मुफ्त, किन्हें मिलेगा लाभ?

Published: Fri, 02 Oct 2026 04:59 PM (IST)

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए आठ वर्षों से निःशुल्क सेवाएं प्रदान कर रहा है। नवरात्रों ...और पढ़ें

पवित्र माँ वैष्णो देवी भवन का सुंदर नज़ारा। (फोटो-जागरण )

पवित्र माँ वैष्णो देवी भवन का सुंदर नज़ारा। (फोटो-जागरण ) 

HighLights

  1. दिव्यांग श्रद्धालुओं को आठ साल से मिल रही निःशुल्क सेवाएं।

  2. नवरात्र में बैटरी कार, घोड़ा-पालकी की सुविधा बढ़ जाती है।

  3. पहचान पत्र दिखाकर कटड़ा कार्यालय से निःशुल्क सुविधाओं का लाभ लें।

जागरण संवाददाता, कटड़ा। मां वैष्णो देवी के दरबार में आने वाले दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से पिछले करीब आठ वर्षों से विशेष निशुल्क सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य दिव्यांग श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे सुगमता से मां के भवन तक पहुंचकर दिव्य दर्शन कर सकें।

सालभर यात्रा करने वाले दिव्यांग श्रद्धालुओं को अर्धकुंवारी से भवन तक निशुल्क बैटरी कार की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। वहीं शारदीय नवरात्रों के दौरान सुविधाओं का दायरा और बढ़ा दिया जाता है।

नवरात्रों में दिव्यांग श्रद्धालुओं को दर्शनी ड्योढ़ी से घोड़ा-पालकी के साथ-साथ बैटरी कार की निशुल्क सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है। इसके लिए यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर श्राइन बोर्ड की विशेष टीमें तैनात रहती हैं। दर्शनी ड्योढ़ी, बाणगंगा, अर्धकुंवारी और भवन में तैनात कर्मचारी दिव्यांग श्रद्धालुओं की सहायता करते हैं और उन्हें उपलब्ध सुविधाओं तक पहुंचाने में सहयोग करते हैं।

दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए आसान किए गए दर्शन

भवन पहुंचने के बाद भी दिव्यांग श्रद्धालुओं को विशेष सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। उनके लिए प्राथमिकता के आधार पर दिव्य दर्शन की व्यवस्था रहती है, ताकि लंबी कतार में खड़े होने की परेशानी से बचाया जा सके।

इसके साथ ही श्राइन बोर्ड की ओर से उन्हें निशुल्क भोजन भी उपलब्ध करवाया जाता है। दर्शन के बाद कटड़ा वापसी तक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाता है।

पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य

इन विशेष सुविधाओं का लाभ लेने के लिए दिव्यांग श्रद्धालु को अपना वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होता है। यात्रा शुरू करने से पहले कटड़ा स्थित श्राइन बोर्ड के निहारिका परिसर कार्यालय में पहचान पत्र दिखाकर संबंधित सुविधाएं  प्राप्त की जा सकती है। इसके बाद श्रद्धालु की सुविधा और आवश्यकता के अनुसार यात्रा मार्ग पर तैनात श्राइन बोर्ड की टीमें उन्हें सहयोग प्रदान करती हैं।

नवरात्र में दोगुने से अधिक पहुंचती है संख्या

श्राइन बोर्ड की इन सुविधाओं का लाभ आम दिनों में प्रतिदिन करीब 40 से 50 दिव्यांग श्रद्धालु उठाते हैं। वहीं नवरात्रों के दौरान मां के दरबार में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ दिव्यांग श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ जाती है। इस दौरान प्रतिदिन करीब 80 से 100 दिव्यांग श्रद्धालु निशुल्क सुविधाओं का लाभ लेते हैं।

श्रद्धालुओं का कहना है कि यात्रा मार्ग पर बैटरी कार, घोड़ा-पालकी, प्राथमिकता के आधार पर दिव्य दर्शन और निशुल्क भोजन जैसी सुविधाएं उनके लिए काफी सहायक साबित होती हैं। इससे शारीरिक रूप से असमर्थ श्रद्धालुओं और उनके साथ आने वाले परिजनों को भी यात्रा पूरी करने में सुविधा मिलती है।

बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालुओं के लिए भी विचार 

सूत्रों के अनुसार, आगामी नवरात्रों में बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर भी श्राइन बोर्ड स्तर पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय और सुविधाओं का स्वरूप श्राइन बोर्ड की ओर से तय किया जाना बाकी है।