विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रस्सी और कंधों के सहारे नदी पार करने की मजबूरी होगी खत्म, उधमपुर में तवी पर बनेगा नया पुल; छह माह में होगा तैयार

Published: Wed, 19 Aug 2026 03:30 PM (IST)

उधमपुर में तवी नदी पर 5.04 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 98 मीटर लंबे पुल का टेंडर हो ...और पढ़ें

-बांत पुल बहने के कारण अभी लोगों को इसी तरह से जान जोखिम डाल कर पार करना पड़ता है। फाइल फोटो

-बांत पुल बहने के कारण अभी लोगों को इसी तरह से जान जोखिम डाल कर पार करना पड़ता है। फाइल फोटो

HighLights

  1. तवी नदी पर 98 मीटर लंबा नया पुल स्वीकृत

  2. निर्माण दस दिन में शुरू, छह माह में होगा पूरा

  3. हजारों ग्रामीणों की एक साल की जोखिम भरी आवाजाही समाप्त

जागरण संवाददाता, उधमपुर। तवी नदी के बीच रस्सी के सहारे या दूसरों के कंधों पर चढ़कर नदी पार करने वाले हजारों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले वर्ष बाढ़ में पुल बहने के बाद से करीब एक साल से जारी इस जोखिम भरी आवाजाही का अंत अब नजर आने लगा है। 5.04 करोड़ रुपये की लागत से तवी नदी पर बनने वाले 98 मीटर लंबे पुल का टेंडर हो गया है। काम आवंटित होने के बाद दस दिन में निर्माण शुरू होगा और छह माह में पुल तैयार हो जाएगा।

पिछले वर्ष अगस्त में आई बाढ़ में तोलड़ी पुल(बांत पुल) बह गया था। इससे बांत सहित तवी पार की कई पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को तवी नदी के बीच उतरकर आवाजाही करनी पड़ रही है। जलस्तर बढ़ने पर जान जोखिम में डालकर आरपार जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने खुद रस्सी लगाकर नदी पार करने का अस्थायी इंतजाम किया है। कई बार बच्चों और बुजुर्गों को कंधों पर उठाकर नदी पार करानी पड़ती है। गर्भवती महिलाओं, मरीजों और स्कूली बच्चों के लिए स्थिति और चिंता वाली है। पुल के दूसरी ओर रहने वालों के लिए करीब सौ मीटर का फासला भी कई बार जान जोखिम में डालने वाला सफर बन जाता है।

पुल निर्माण को लेकर करीब एक वर्ष से कभी टेंडर, कभी काम शुरू होने और कभी प्रक्रिया आगे बढ़ने की चर्चाओं के कारण ग्रामीणों में असमंजस और रोष था। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और निर्माण शुरू होने की स्थिति स्पष्ट होने से लोगों को स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है।

बढ़ाई गई पुल की ऊंचाई, पूरा करने की अवधि 6 माह

पुल निर्माण की टेंडरिंग प्रक्रिया कई बार अटकने के पीछे पिछली निविदा की तकनीकी कमियों को दूर करने के साथ प्रस्ताव में किए गए महत्वपूर्ण बदलाव भी रहे। पुराने प्रस्ताव में पुल की ऊंचाई कम थी और निर्माण के लिए करीब 18 माह यानी डेढ़ वर्ष की अवधि निर्धारित थी। पुराने पुल के बाढ़ में बहने का संज्ञान लेते हुए पुल की ऊंचाई भी बढ़ाई गई है। जिसके की भविष्य में बाढ़ में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पुल सुरक्षित रह सके।

वहीं प्रभावित लोगों की परेशानी को देखते हुए निर्माण अवधि डेढ़ वर्ष से घटाकर छह माह की गई है। पुराने पुल बिना कंसलटेंसी के बन रहा था, जबकि अब नया पुल कंसलटेंसी के माध्यम से अनुमानित लागत 5.04 करोड़ रुपये है। टेंडर प्रक्रिया में देरी के बावजूद अब लोगों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले नए पुल से तवी पार कर सकेंगे।

पुल बनने तक सुरक्षित पैदल रास्ते की मांग

निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ने से ग्रामीणों को राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन पुल बनने तक सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते की मांग भी उठ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे एक वर्ष से जान जोखिम में डालकर तवी पार कर रहे हैं। अगले छह माह तक बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को जोखिम न उठाना पड़े, इसके लिए तत्काल सुरक्षित पैदल रास्ते की व्यवस्था की जानी चाहिए।


तोलड़ी पुल का टेंडर पहले 9 जुलाई को खोला जाना था, लेकिन एक ही निविदा आने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ और दोबारा टेंडर जारी किया गया।17 अगस्त को तकनीकी बिड और 18 अगस्त को वित्तीय बिड खोली गई और कम बोली लगाने वाले पात्र ठेकेदार को काम आवंटित किया जाएगा। अधिकतम दस दिन में निर्माण शुरू हो जाएगा और छह माह में इस पुल को पूरा करने का समय दिया गया है। सामान्य तौर पर बड़े पुलों को 18 माह से कम समय में पूरा करना चुनौतीपूर्ण होता है और कम अवधि की शर्त के कारण पिछली बार एक ही ठेकेदार ने टेंडर भरा गया था। पुल बहने से परेशान बांत के लोगों की स्थिति को देखते हुए लंबी समय सीमा देना संभव नहीं था। पुल की ऊंचाई भी पहले प्रस्तावित पुल से बढ़ाई गई है, ताकि भविष्य में बाढ़ के दौरान पुल सुरक्षित रह सके। -बलवंत सिंह मनकोटिया, विधायक चिनैनी-घोरड़ी