अमित माही, ऊधमपुर: गुणवत्ता को लेकर हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद आखिरकार ऊधमपुर जिला अस्पताल अपना नाम राष्ट्रस्तरीय क्वालिटी अस्पतालों की सूची में दर्ज कराने में सफल रहा। केंद्र स्तरीय अससेमेंट में 85 फीसद अंक प्राप्त कर ऊधमपुर जिला अस्पताल ऊधमपुर अंतिम परीक्षा पासकर क्यू सर्टिफेकेशन प्राप्त करने में सफल रहा है। अब जिला अस्पताल ऊधमपुर को प्रतिवर्ष 20 लाख रुपये अस्पताल में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मिलेंगे।

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर राज्य में क्यू श्रेणी असेसमेंट के लिए पांच अस्पतालों को ऊधमपुर जिला अस्पताल, गांधीनगर अस्पताल, जम्मू तथा श्रीनगर के बारामुल्ला और अनंतनाग अस्पताल तथा लेह में एक अस्पताल को चुना गया था। जिला अस्पताल ऊधमपुर कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच ऊधमपुर जिला अस्पताल अपना नाम राष्ट्र स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से लैस अस्पतालों में दर्ज कराने में सफल हो गया है। जिला अस्पताल ने राष्ट्रस्तर की टीम द्वारा किए गए असेमेंट में 85 फीसद अंक प्राप्त किए हैं। अब जिला अस्पताल को नेशनल क्वालिटी एशोरेंस स्टैंडर्स के तहत क्वालिटी यानी क्यू सर्टिफेकेशन प्राप्त होगा। इसके बाद जिला अस्पताल ऊधमपुर के साथ क्यू सिबल लिखा जाएगा। जो इससे क्वालिटी अस्पतालों की सूची में सूचीबद्ध होने को दर्शाएगा। इसके साथ ही क्यू सिबल अस्पतालों को प्रति बेड निर्धारित धनराशि भी जिला अस्पताल को सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्राप्त होगी। क्यू सर्टिफिकेशन प्राप्त होने के बाद जिला अस्पताल पर जल्द ही क्यू सिबल लगाने की प्रक्रिया शुरु होगी।

बहरहाल, क्यू सर्टिफेशन प्राप्त होने के बाद जिला अस्पताल में जहां क्यू एंबलेंब लगेगा, वहीं क्वालिटी अस्पतालों में शुमार हुए जिला अस्पताल ऊधमपुर को प्रतिबेड 10 हजार रुपये के हिसाब से धनराशि सुविधाएं विकसित करने को मिलेगा। 200 बेड वाले जिला अस्पताल ऊधमपुर को 10 हजार रुपये के हिसाब से प्रति वर्ष 20 लाख रुपये मिलेंगे। यह पैसा जिला अस्पताल में सुविधाएं विकसित करने पर खर्च होगा।

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चार स्तरीय होते ही अससेमेंट प्रक्रिया

क्यू सर्टिफिकेशन सिबल के लिए चार स्तरीय असेसमेंट प्रक्रिया होती है। जिसमें सबसे पहली अस्पताल अंतरिम स्तर पर खुद करता है और अपनी गुणवत्ता का आंकलण करता है, जबकि दूसरी असेसमेंट डीसी की अध्यक्षता वाली 12 सदस्यीय डिस्ट्रिक्ट क्वालिटी एशोरेंस टीम करती है। इन दोनों के बाद तीसरी असेसमेंट स्टेट क्वालिटी एश्योरेंस टीम करती है। चौथी और आखिरी असेसमेंट केंद्रीय स्तर की टीम करती है। हर चरण में उतीर्ण होने पर ही अगली असेसमेंट के लिए क्वालीफाई माना जाता है। बाक्स---

पिछले साल दिसंबर में शुरु हुई असेसमेंट

जिला अस्पताल की क्यू सर्टिफेकेशन के लिए असेसमेंट प्रक्रिया पिछले वर्ष दिसंबर में शुरु हुई। इसके बाद क्यू सिबल असेसमेंट की प्रक्रिया में 27 से 29 दिसंबर तक हुई राज्यस्तरीय टीम की असेसमेंट में पास होने के बाद 24 अप्रैल से 26 अप्रैल तक केंद्र स्तरीय असेसमेंट टीम ने तीन दिवसीय आंकलन की प्रक्रिया शुरु कर दी है। इन तीन दिनों में केंद्रीय स्तरीय असेसर्स की टीम ने जिला अस्पताल के विभिन्न 14 विभागों की कार्यप्रणाली के साथ अन्य चीजों व सुविधाओं को देखा व आंकलन किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीम में असेसमेंट करने के लिए डॉ. गिरीश द्विवेदी, डॉ. प्रीति मदान और डॉ. तमन्ना शर्मा ऊधमपुर आए थे। कोट्स---

क्यू सर्टिफिकेशन के लिए पिछले साल से शुरु हुई प्रकिया में जिला अस्पताल ऊधमपुर ने हर चरण में बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके लिए जिला अस्पताल की पूरी टीम को बधाई। इसके साथ जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विजय बसनोत्रा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केसी डोगरा व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का मार्ग दर्शन व मिले सहयोग से जिला अस्पताल बेहतर करने में सफल रहा। असेसमेंट के बाद से ही पूरी उम्मीद थी क्यू सिबल मिल जाएगा। 85 प्रतिशत अंक अíजत करना बड़ी उपलब्धी है। जिला अस्पताल को राज्य ही नहीं देश के बेहतर अस्पताल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। सारी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद जिला अस्पताल ऊधमपुर के नाम के साथ क्यू सिबल का एंबलेंब लगाया जाएगा।

डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट, डॉ.विजय रैना।

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Posted By: Jagran