जागरण संवाददाता, ऊधमपुर

जिला ऊधमपुर में आतंकवादी सुरक्षा बलों निशाना बना चुके हैं। बुधवार सुबह जिस तरह से आतंकी ट्रक में छिप कर जम्मू से श्रीनगर की तरफ जा रहे थे। आशंका है कि उनके निशाने पर ऊधमपुर जिला में किसी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की योजना थी। हालांकि पुलिस इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं, मगर वह किसी भी संभावना को नकार भी नहीं है। ऊधमपुर में आतंकियों ने कई बार सुरक्षा बलों को निशाना बनाने का प्रयास किया। करीब एक दशक पूर्व बिरमा पुल इलाके में सेना के ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी की कार को निशाना बना कर कार में आइईडी विस्फोट किया गया था। हमले में सेना के अधिकारी बाल बाल बचे थे। जबकि एक स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। तीन साल पहले भी ऊधमपुर जिला के समरोली इलाके में आतंकियों ने सीमा सुरक्षा बल की कॉनवाई बस को निशाना बना कर हमला किया। जिसमें कुछ जवानों ने वीरगति प्राप्त हुए और कई घायल हो गए थे। तब आतंकी घाटी से जिला में पहुंचे थे।

इस बार भी आतंकियों के निशाने पर सामरिक महत्व से अहम ऊधमपुर में किसी सैन्य प्रतिष्ठान था। सूत्रों के मुताबिक ट्रक चालक ने बताया कि आतंकी उसके ट्रक में नरवाल से बैठे। मगर सुरक्षा बलों ट्रक चालक की बात में सच्चाई न लग रही। ट्रक में जो वॉल पुट्टी लोड़ वह सांबा या कठुआ से आई हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक तीनों आतंकियों के कठुआ या सांबा बार्डर से सीमा पार कर आने की जानकारी जांच के दौरान मिली है।

सूत्रों की माने तो यदि आतंकियों का मकसद छिप कर घाटी जाना होता तो वह हथियारों को छिपा कर ले जाते, न ही हथियारों के साथ खुद ट्रक के पीछे छिप कर जाते। माना जा रहा है कि हथियारों के साथ वाहन की पीछे छिप कर जाने का कारण अपने निशाने को चुनने और उस पर फिदाईन हमला करना रहा होगा।

हालांकि पुलिस इस बारे में कुछ भी नहीं बोल रही। इस बारे में एसएसपी ऊधमपुर मोहम्मद रईस भट्ट ने कहा कि आतंकी कहां से आ रहे थे, कहां जा रहे थे या उनके निशाने पर उधमपुर के सैन्य या सुरक्षा बलों के प्रतिष्ठान थे या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। इस विषय में जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पता चल सकेगा। जांच से पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।

Posted By: Jagran