जागरण संवाददाता, ऊधमपुर : गत शनिवार को हुई बारिश के दौरान बिरमा पुलिस के अप्रोच रोड का हिस्सा धंसने की वजह से बंद किए गए जम्मू श्रीनगर हाईवे पर स्थित बिरमा पुल की मरम्मत के बाद मंगलवार को फिर से यातायात बहाल हो गया। पुल पर से वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। पुल के खुलने से इस मार्ग से होकर जम्मू व अन्य इलाकों को जाने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है।

बताते चलें कि बीते शनिवार को हुई बारिश के दौरान बिरमा पुल का ऊधमपुर वाले छोर पर बना अप्रोच रोड का हिस्सा अचानक धंस गया। गनीमत रही कि जिस वक्त पुल धंसा कोई वाहन उपर से नहीं गुजर रहा था। जिससे हादसा होने से बच गया। वहीं पुल क्षतिग्रस्त होते ही क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास पत्थर लगा दिए गा और पुल पर से बारी बारी से दोनों तरफ से वाहनों को निकाला गया, जिस वजह से जाम की स्थिति बनती रही। वहीं जारी बारिश के कारण अगले दिन जिला प्रशासन ने पुल को और नुकसान व हादसों की आशंका के मद्देनजर और मरम्मत के लिए वाहनों की आवाजाही के लिए पुल को पूरी तरह से बंद कर दिया। हालांकि, दोपहिया वाहनों के साथ एंबुलेंस और आपातस्थिति में वाहनों को जाने की अनुमति रही। यह भी उल्लेखनीय है कि 55 वर्ष पुराने यह पुल अपनी आयु पूरी कर चुका है। पिछले वर्ष भी पानी की मार से पुल की अप्रोच रोड की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने से अप्रोच रोड धंसा था। उसके बाद काफी समय तक पुल बंद रहा था और मरम्मत करने के बाद खोला गया था।

रविवार से वाहनों की आवाजाही के लिए बंद किए जाने के बाद बीआरओ ने पुल की मरम्मत का काम शुरू कर दिया। पुल की मरम्मत के बाद मंगलवार सुबह पुल को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। सुबह से लेकर दिन भर पुल से सैकड़ों की संख्या में वाहन दोनों तरफ सामान्य रूप से गुजरते रहे। इसमें जम्मू, गढ़ी, चोपड़ा शॉप, फलाटा, रैंबल, टी मोड़, क्रिमची, पंचैरी, लांदर जाने वाले हाईवे बाईपास से लंबे मार्ग की बजाए पहले की तरह छोटे रास्ते से गुजरे।

इस बारे में बीकन 52 आरसीसी के ओसी मुकुल विशिष्ट ने बताया कि पुल का अप्रोच रोड की सुरक्षा दीवार बिलकुल ठीक है। तेज बारिश होने से की वजह से पानी का बहाव पुल के उपर से होते हुए क्षतिग्रस्त हुए हिस्से की तरफ हो गया। इसे अप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त हिस्से में सिपेज होने से नीचे भरी गई पत्थर, रेत और मिट्टी का मिश्रण में से मिट्टी बह जाने से पत्थर बैठने से खाई हो गई और खाली हुई जगह के उपर सड़क धंस गई। अब धंसने की वजह से खाली हुई जगह के बीच बड़े पत्थरे और बजरी भरी गई है। ताकि दोबारा वह न धंसे। पहले भरी गई मिट्टी कहां से बह कर बाहर निकल गई। यह भी जांच की जाएगी, मगर यह काम बारिश रुकने के बाद किया जाएगा। इसके सात ही बारिश के दौरान पुल के उपर से बहने वाले पानी को रोकने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

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