अमित माही, ऊधमपुर : पंचैरी में पर्यटन गांव बनाने के बाद अब प्रशासन जिला में दूसरा पर्यटन गांव बनाने के लिए काम कर रहा है। दूसरा पर्यटन गांव जिला की रामनगर सब डिविजन के बसंतगढ़ इलाके में बनाया जाएगा। जिला प्रशासन ने कुलवंता पंचायत में पर्यटन गांव को विकसित करने के लिए जन प्रतिनिधियों व युवा क्लबों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए पहली बैठक की है।

गौरतलब है कि एक सप्ताह पूर्व जिला प्रशासन ने पहले पर्यटन गांव पंचैरी का विधिवत शुभारंभ किया था। इस पर्यटन गांव में अपने घरों से दूर रहने वाले लोगों को अपने घर जैसा माहौल मिलेगा और ग्रामीण संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। पंचैरी पयर्टन गांव के बाद अब जिला प्रशासन पर्यटन विभाग व अन्य विभागों की मदद से रामनगर की कुलवंता पंचायत में एक और पर्यटन गांव विकसित करने जा रहा है। यह गांव कुलवंता पंचायत के पर्यटन गांव का कुछ हिस्सा इंचा और कुछ लेड़ गांव में विकसित होगा। हाल ही में कुलवंता में पर्यटन गांव विकसित करने के लिए जिला प्रशासन ने डीडीसी, बीडीसी, सरपंच, पंच के अलावा यूथ क्लबों के सदस्यों व विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में पर्यटन गांव को विकसित करने के लिए सभी जरूरतों व अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही डीसीसी, बीडीसी सहित पंचायत प्रतिनिधियों को पर्यटकों के ठहरने के लिए होम स्टे उपलब्ध कराने वाले घरों को चिन्हित करने व पर्यटकों के लिए गाइड के रूप में काम करने वाले युवाओं की पहचान करने को कहा गया।

पंचैरी से अधिक खूबसूरत और पत्नीटॉप जैसा है मौसम

रामनगर से 20 किलोमीटर दूर रामनगर- बसंतगढ़ मार्ग पर स्थित कुलवंता इलाका पंचैरी से अधिक खूबसूरत है। कुलवंता से आरसी पीक पहाड़ की चोटी पर स्थित बेहद खूबसूरत स्थल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह इलाका पंचैरी से कहीं अधिक खूबसूरत और रमणीय है। यहां के सुंदर नजारे हर किसी को आकर्षित करते हैं। इस इलाके का मौसम पत्नीटॉप जैसा है। सर्दियों में पत्नीटॉप जितनी बर्फ यहां पर गिरती है। गर्मियों में भी पंखे लगाने की जरूरत नहीं होती। हर लिहाज से यह इलाका ग्राम पर्यटन के लिए उपयुक्त है। गर्मियों के दिनों में बड़ी संख्या में ऊधमपुर, जम्मू सहित अन्य हिस्सों से भी सैलानी घूमने और मौसम का मजा लेने आते हैं।

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पर्यटन गांव की राह में सड़क व अन्य मूलभूत सुविधाएं रोड़ा

प्रशासन भले ही कुलवंता में दूसरा पर्यटन गांव बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। मगर पर्यटन गांव बनाने से पहले रामनगर से कुलवंता तक की जर्जर सड़क को दुरुस्त करना बेहद जरूरी होगा। क्योंकि कोई भी सैलानी खराब सड़क पर थक पर कुलवंता में सैर सपाटा करना नहीं चाहेगा। सड़क के साथ ही इस इलाके में पेयजल की भी भारी किल्लत है। वहां पर सार्वजनिक शौचालयों का भी अभाव है। ऐसे में सैलानियों के अन्य व्यवस्थाओं के साथ यह दोनों मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करना भी अति आवश्यक है। इसके साथ ही आरसीपी सहित कुछ जगह पर रोशनी की व्यवस्था करने की जरूरत है। यह व्यवस्था सोलर लाइट लगा कर हो सकती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इन सभी सुविधाएं पर्यटन गांव विकसित करने से पहले करने की जरूरत है।

कुलवंता इलाका पर्यटन गांव के रूप में विकसित करने के लिए उपयुक्त

जिला विकास परिषद (डीडीसी) बसंतगढ़ सदस्य अशरी देवी ने कहा कि कुलवंता इलाका पर्यटन गांव के रूप में विकसित करने के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि ऊधमपुर से तकरीबन 60 और रामनगर से 20 किलोमीटर दूर स्थित इस इलाके में सैलानी पत्नीटॉप जैसे मौसम का नजारा ले सकेंगे। यहां पर आरसी पीक सहित कई जगहें हैं जहां के नजारे पंचैरी और पत्नीटॉप से भी ज्यादा खूबसूरत है। यहां पर पत्नीटॉप जितनी ही बर्फ पड़ती है। पहली बैठक में पर्यटन गांव को विकसित करने पर चर्चा की गई है। 16 तारीख को पंचायत प्रतिनिधि व विभिन्न विभागों के अधिकारी ब्लॉक दिवस बैठक में आएंगे। इस बैठक के बाद कुलवंता में पर्यटन गांव का दौरा कर जायजा लिया जाएगा। मगर पर्यटन गांव से पहले रामनगर से बसंतगढ़ की सड़क को ठीक करने के साथ इस इलाके में पेयजल सुविधा मुहैया करवाने की जरूरत है। आरसी पीक इलाके में बिजली की सख्त जरूरत है। इसके साथ शौचालय व अन्य मूलभूत सुविधाएं पर्यटकों के लिए विकसित करने की जरूरत होगी।

कुलवंता में भी पंचैरी जैसी होंगी सभी सुविधाएं : एडीडीसी

एडीडीसी ऊधमपुर कांता देवी ने कहा कि सरकार की ओर से जिन 72 गांवों को ग्राम पर्यटन के लिए चयनित किया गया। उनमें से कुलवंता एक है। पर्यटन गांव विकसित करने को लेकर अभी कुछ दिन पहले पहली बैठक हुई है, जिसमें पर्यटन गांव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई है। इस पर्यटन गांव मे भी पंचैरी जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी। पर्यटकों के रहने, खाने व मनोरंजन की सुविधाएं की जाएंगी। कुछ चीजें अलग भी हो सकती है। पंचायत प्रतिनिधियों को विकसित होने वाले गांव कुलवंता का दौरा कर होम स्टे के लिए घरों की चिन्हित करने सहित अन्य व्यवस्थाओं को देखने को कहा गया है। उसके बाद पर्यटन गांव को विकसित करने के लिए जरूरी प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गांव कब तक विकसित होगा, इसे लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, मगर एक माह तक पर्यटन गांव शुरू किए जाने की उम्मीद है।

Edited By: Jagran