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छुट्टी के बाद घर लौट रहे थे शिक्षक-विद्यार्थी, ऊधमपुर में अचानक उफना नाला, तेज बहाव में फंसे सभी; फिर ऐसे बची जान

Published: Wed, 19 Aug 2026 12:22 PM (IST)

ऊधमपुर में भारी बारिश के कारण दखडु नाला उफान पर आ गया, जिसमें स्कूल के शिक्षक और विद्यार्थी फंस गए। ...और पढ़ें

ऊधमपुर के दखडु नाले में फंसी महिला को पार कराते लोग।

ऊधमपुर के दखडु नाले में फंसी महिला को पार कराते लोग।

HighLights

  1. दखडु नाले में फंसे शिक्षक-विद्यार्थी, मानव श्रृंखला से सुरक्षित।

  2. भारी बारिश से नाला उफान पर, आवागमन बाधित।

  3. स्थायी समाधान हेतु ग्रामीणों ने पुल निर्माण की मांग की।

जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। बारिश की एक तेज धार ने मंगलवार को दखडु नाले को उफान पर ला दिया। अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव के बीच नाला पार कर रहे हायर सेकेंडरी स्कूल पखलाई के शिक्षक-विद्यार्थी फंस गए। स्थिति बिगड़ती देख शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर एक-दूसरे का हाथ थामा और किसी तरह सुरक्षित नाला पार किया।

मंगलवार को आसमान में छाए बादलों ने करीब एक घंटे से अधिक समय तक मूसलधार वर्षा की। बारिश से जहां तापमान में गिरावट आने के साथ मौसम सुहाना हो गया, वहीं पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में बरसाती नाले अचानक उफान पर आ गए। दखडु नाले में भी दोपहर को हुई बारिश के बाद पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया।

इसी दौरान स्कूलों में छुट्टी होने पर नाला पार कर रहे शिक्षक और विद्यार्थी नाला पार कर रहे थे। तेज बहाव के बीच फंसने पर आसपास मौजूद लोगों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया और मानव श्रृंखला बनाकर एक-दूसरे को सहारा देते हुए नाला पार करवाया।

बारिश होने पर नालों का जलस्तर बढ़ जाता

शिक्षकों, विद्यार्थियों और गांववासियों ने बताया कि दखडु नाला ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कई अन्य नाले भी रोजाना आने-जाने के रास्ते में पड़ते हैं। बरसात के दौरान कहीं भी अचानक बारिश होने पर इन नालों का जलस्तर कुछ ही देर में बढ़ जाता है। कई बार स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाते समय नाले उफान पर होते हैं तो कभी छुट्टी के बाद लौटते समय लोगों को इसी खतरे का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि नाला उफान पर होने की स्थिति में सबसे अधिक परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को होती है। उन्हें एक तरफ से दूसरी तरफ ले जाने के लिए लोगों को जान जोखिम में डालनी पड़ती है।

लोगों को पानी के बीच से गुजरकर जाना पड़ता

लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से नदी-नालों को पार नहीं करने की एडवाइजरी जारी कर दी जाती है, लेकिन ग्रामीणों के पास कई जगह कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है। दखडु नाले में सामान्य दिनों में भी समुचित रास्ता नहीं है और लोगों को पानी के बीच से गुजरकर इसे पार करना पड़ता है।

ग्रामीणों की प्रशासन और सरकार से मांग 

ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि कम से कम ऐसे स्थानों पर पैदल पुल बनाए जाएं, ताकि बारिश के दौरान विद्यार्थी, शिक्षक और गांववासी सुरक्षित तरीके से नाला पार कर सकें। लोगों का कहना है कि बार-बार पैदा होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान केवल चेतावनी जारी करने से नहीं, बल्कि सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने से ही संभव है।