पौनी, जुगल मंगोत्रा। आखिरकार लंबी मशक्कत के बाद सुषमा को नौंवी कक्षा में प्रवेश मिल गया। शिक्षा विभाग ने आठवीं का सर्टिफिकेट जारी कर दिया। दैनिक जागरण समाचार पत्र ही नहीं आपका मित्र भी है। तभी समय-समय पर आपकी हर समस्या को प्रकाशित कर उसे हल करवाने में अपनी पूरी भूमिका निभाता है। दैनिक जागरण ने रविवार एक सितंबर के अंक में 'स्कूल प्रशासन का खेल आठवीं पास को किया फेल'समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। रियासी जिले के दूर-दराज के गांव मता में रहने वाली छात्रा सुषमा देवी की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद उसका प्रभाव भी बहुत जल्द देखने को मिला है।

सुषमा को रियासी जिले के चंकाह जोन में पड़ते हाई स्कूल चंडी में नौवीं कक्षा में दाखिला व इससे पूर्व मिडिल स्कूल मता से आठवीं पास का साíटफिकेट मिल गया है। मिडिल स्कूल मता के हैडमास्टर मुहम्मद शरीफ ने छात्रा व उसके परिजनों को स्कूल में बुलाकर उसे आठवीं पास का साíटफिकेट दिया है।

हाई स्कूल चंडी में दाखिला देरी से होने के कारण सुषमा का आरआर कार्ड बनने में अभी कुछ समय लगेगा। शिक्षकों के मुताबिक इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण छात्रा का आरआर कार्ड बनाने में समस्या है, जैसे ही इंटरनेट सेवा बहाल होगी छात्रा का आरआर कार्ड बना दिया जाएगा। खुशी से फूले नहीं समा रही सुषमा

करीब पांच महीने के बाद सुषमा के चेहरे पर वह रौनक देखने को मिल रही थी जो उसके गांव के अन्य विद्याíथयों के चेहरों पर थी। उसके गांव से अन्य विद्यार्थी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाते थे तो वह उन्हें देख रोने लगती थी। सुषमा भी बाकी बच्चों की तरह पढ़ाई करना चाहती थी, लेकिन स्कूल प्रशासन की गलती के कारण उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। सुषमा ने बताया उसे नौवीं कक्षा में दाखिला मिल गया है। वह बहुत खुश है मेरे चेहरे पर खुशी लाने के लिए मैं दैनिक जागरण का कोटि कोटि नमन करती हूं। मेरे लिए दैनिक जागरण समाचार पत्र ने जो किया है मैं उसे अपनी पूरी जिदगी में नहीं भुला पाऊंगी। सुषमा के पिता किशो राम भी बेटी को नौवीं कक्षा में दाखिला मिलने के बाद खुश हैं। वेतन मिलता है, बच्चों को भी पढ़ाएं शिक्षक

मता और चंडी गांव के सरपंच मुहम्मद शफी, नायब सरपंच राकेश सिंह, पंच तारा मनी व नंदु राम, केवल कृष्ण का कहना है मिडिल स्कूल मता में शिक्षक कभी कभार ही आते हैं। अगर सरकार की तरफ से शिक्षक वेतन लेते हैं तो वह बच्चों की पढ़ाई की और भी अपना पूरा ध्यान दें। सरकार बच्चों को शिक्षित करने के लिए कई प्रयास कर रही है, लेकिन दूरदराज के गांव में पड़ते स्कूलों में शिक्षक स्कूल ही नहीं आते हैं। लोगों ने चंकाह जोन के जेडईओ व सीईओ रियासी से स्कूलों में नहीं आने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने व मिडिल स्कूल मता और हाई स्कूल चंडी में विद्याíथयों को आने वाली समस्याओं को हल करने की मांग की है। आखिर क्या था मामला?

रियासी जिले के चंकाह जोन में पड़ते सरकारी मिडिल स्कूल मता की छात्रा सुषमा देवी के गत वर्ष 2019 के आठवीं बोर्ड की परीक्षा परिणाम के साथ छेड़छाड़ करने के बाद स्कूल की अन्य छात्रा को पास किया गया था। सुषमा की दोबारा परीक्षा लेने के बाद पास होने पर उसे मिडिल स्कूल मता के हेडमास्टर मुहम्मद शरीफ की तरफ से हाई स्कूल चंडी में नौवीं कक्षा में दाखिला के लिए सíटफिकेट नहीं दिया गया, जिससे छात्रा अपनी पढ़ाई को लेकर काफी परेशानी थी।

छात्रा सुषमा देवी को नौवीं कक्षा में दाखिला दे दिया गया है। इंटरनेट सेवा बंद होने पर उसका आरआर कार्ड नहीं बन पाया है। जैसे ही इंटरनेट सेवा बहाल होती है सुषमा का आरआर कार्ड बना दिया जाएगा।

-मुश्ताक अहमद, इंचार्ज हेडमास्टर हाई स्कूल चंडी

छात्रा को आठवीं पास का साíटफिकेट देरी से मिलने पर नौवीं कक्षा में दाखिला और आरआर कार्ड बनाने की लेट फीस का सारा खर्च मिडिल स्कूल मता के इंचार्ज हेडमास्टर मुहम्मद शरीफ के वेतन से काटा जाएगा। इसके लिए चंकाह जोन के जेडईओ को निर्देश दे दिए गए हैं।

निर्मल चौधरी, सीईओ रियासी

Posted By: Jagran

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