सिंथन-किश्तवाड़ रोड पर ब्रेक! बादल फटने और फ्लैश फ्लड ने बिगाड़ा रास्ता, अगले आदेश तक वाहनों की आवाजाही ठप
एसडीएम कोकरनाग ने सिंथन-किश्तवाड़ रोड को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है, क्योंकि हाल की बाढ़ और बादल फटने से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।

पहाड़ से गिरा मलबा, सिंथन टॉप तक आवाजाही ठप।
HighLights
सिंथन-किश्तवाड़ रोड तत्काल प्रभाव से बंद।
बाढ़ और बादल फटने से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त।
मरम्मत पूरी होने तक आवाजाही रहेगी ठप।
डिजिटल डेस्क, किश्तवाड़। एसडीएम कोकरनाग ने वीरवार को सिंथन-किश्तवाड़ रोड को तुरंत प्रभाव से सभी वाहनों के लिए बंद करने का आदेश जारी कर दिया। वजह? हाल ही में आई अचानक बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं ने सड़क को जगह-जगह तोड़कर रख दिया है।
तो अगर आप सिंथन-किश्तवाड़ रोड से किश्तवाड़ जाने का प्लान बना रहे थे, तो फिलहाल अपना प्रोग्राम कैंसिल कर दीजिए। प्रकृति के आगे प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं- पहले मरम्मत, फिर सफर।
एसडीएम कोकरनाग के आदेश के मुताबिक, लगातार हो रही तबाही के बाद सड़क के कई हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पहाड़ों से गिरे मलबे ने रास्ता निगल लिया है, तो कहीं-कहीं पूरी सड़क ही धंस गई है। हालात ऐसे हैं कि जरा सी चूक भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
प्रशासन का कहना है कि भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क के और ज्यादा धंसने का खतरा लगातार बना हुआ है। मौसम भी अभी मेहरबान नहीं दिख रहा, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
जनता की सुरक्षा सबसे पहले
आदेश में साफ लिखा है कि लोगों की जान बचाना पहली प्राथमिकता है। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए सिंथन-किश्तवाड़ मार्ग पर हर तरह के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। ये रोक तुरंत लागू हो गई है और अगले आदेश तक जारी रहेगी।
फिलहाल रास्ता खोलने को लेकर कोई तारीख तय नहीं है। प्रशासन ने कहा है कि जब तक क्षतिग्रस्त हिस्सों की पूरी मरम्मत नहीं हो जाती और सक्षम अधिकारी रास्ते को सुरक्षित घोषित नहीं कर देते, तब तक यह रोड पूरी तरह बंद रहेगा। इंजीनियर और राहत दल मौके पर पहुंच चुके हैं और नुकसान का जायजा ले रहे हैं। लेकिन पहाड़ी इलाके में मरम्मत का काम आसान नहीं होता, ऊपर से मौसम भी चुनौती बना हुआ है।
प्रशासन ने यात्रियों को दी सलाह
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि अगर वे किश्तवाड़, डोडा या अनंतनाग की तरफ जाने का प्लान बना रहे थे, तो फिलहाल उसे टाल दें। वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें और प्रशासन की एडवाइजरी का इंतजार करें। स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे क्षतिग्रस्त सड़क के पास जाने से बचें।
आपको बता दें कि सिंथन टॉप से गुजरने वाला ये रास्ता कश्मीर घाटी को किश्तवाड़ से जोड़ता है और टूरिस्ट के बीच काफी पॉपुलर है। हर साल हजारों सैलानी यहां की खूबसूरती देखने आते हैं। लेकिन जुलाई की बारिश ने इस बार सारी रौनक पर पानी फेर दिया।
फिलहाल प्रशासन की नजर मौसम और मरम्मत कार्य पर टिकी है। जैसे ही सड़क सुरक्षित होगी, आवाजाही बहाल करने का ऐलान कर दिया जाएगा। तब तक सावधानी ही सुरक्षा है।
