संवाद सहयोगी, कटड़ा : दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वाधान में श्री रघुनाथ मंदिर, वैष्णो माता कटड़ा में जारी सप्ताहिक श्रीमद् देवी भागवत ज्ञान यज्ञ वीरवार को संपन्न हो गया। यह कार्यक्रम नवरात्र महोत्सव कमेटी कटड़ा के सौजन्य से किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या भद्रा भारती जी ने संगत को मा भगवती की महिमा सुनाई और ममा भगवती के दिव्य रूप एवं लीलाओं के पीछे छिपे दिव्य अध्यात्मिक रहस्य को उजागर किया। साध्वी ने बताया कि केवल आदि शक्ति की कथा एवं चर्चा को श्रवण कर और उनके जीवन के अनेक पहलुओं से परिचय प्राप्त कर जीवन का कल्याण संभव नहीं है। आत्म कल्याण को प्राप्त करने के लिए मा को तत्व रूप से जानना नितात आवश्यक है। इसके लिए एक सच्चे संत की शरणागति हो कर ब्रह्म ज्ञान दीक्षा की सनातन पद्धति को अपना कर भक्ति मार्ग पर अग्रसर होना पड़ता है। मा वैष्णो ने 9 महीने तक पवित्र गुफा में बैठकर ध्यान किया, जो हमें ध्यान की सनातन प्रक्रिया को अपने जीवन में अपनाने के लिए एक संदेश है। केवल आखें बंद कर बैठना ही ध्यान नहीं होता। ध्यान से पहले ज्ञान प्राप्त करना आवश्यक है और ईश्वर का अपने भीतर दर्शन करना ज्ञान कहलाता है। ऐसा ज्ञान समय का पूर्ण गुरु ही प्रदान करने की समर्थता रखता है। कार्यक्रम के समापन पर काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और शहर के कई गणमान्य सज्जन भी कथा श्रवण करने के लिए पहुंचे थे। स्वामी सुकर्म आनंद जी ने सभी भक्तों का और आयोजन कर्ता सदस्य का धन्यवाद किया। भागवत कथा कमेटी इंचार्ज सरदारी लाल दुबे ने सभी मंच पर उपस्थित कथा व्यास जी एवं अन्य संत समाज का धन्यवाद किया और भविष्य में भी कटड़ा में पहुंचकर मा की महिमा का गुणगान करने के लिए आग्रह किया। कार्यक्रम का समापन मा की पावन आरती के साथ हुआ। उसके बाद संगत ने प्रसाद को प्राप्त किया। इस मौके पर श्राइन बोर्ड के डिप्टी सीईओ दीपक दुबे को सम्मानित किया गया।

नवरात्र में 70,000 श्रद्धालुओं ने भोले नाथ के किए दर्शन

संवाद सहयोगी, पौनी : नवरात्र के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर माथा टेकने के साथ पूजा अर्चना की। इस दौरान शिवखोड़ी में 70,000 श्रद्धालुओं ने भोले बाबा के दर्शन किए। वीरवार सुबह सबसे पहले भक्तों ने मंदिरों में माथा टेकने के बाद कंजक पूजन कर प्रसाद बाटा। शिवखोड़ी में भी श्रद्धालुओं ने भोले बाबा के शिवलिंग पर पंडितों के माध्यम से दूध, जल, बेल पत्ते, धोती गढ़वा चढ़ाने के बाद कंजकों में प्रसाद बाटा। जिन श्रद्धालुओं ने भोले बाबा के दर्शन किए हैं, उन्होंने इससे पहले कटड़ा में माता वैष्णो देवी के दर्शन कर चुके थे। शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड के प्रबंधक कमल किशोर का कहना है कि वर्ष 2020 में नवरात्र के दौरान कोरोना संक्रमण के चलते बहुत कम संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन वर्ष 2021 में इस बार कटड़ा में नवरात्र महोत्सव का आयोजन होने के बाद काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिवखोड़ी में भोले बाबा के दर्शन भी किए हैं। वहीं, दुर्गा माता मंदिर काना, राधा कृष्ण मंदिर काना, नरसिंह मंदिर पौनी आदि में भी पूजा अर्चना करने के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद बाटा गया। दुर्गा माता मंदिर काना के पुजारी कृष्ण लाल ने बताया कि वह प्रत्येक वर्ष नवरात्र समापन के बाद रामनवमी पर मंदिर में कंजक पूजन कर भक्तों को प्रसाद बाटते हैं, जिसमें आसपास के इलाके से काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। देर शाम को मंदिर में भजन-कीर्तन आदि भी किया गया है।

Edited By: Jagran