संवाद सहयोगी, किश्तवाड़ (जम्मू) : मचैल यात्रा के दौरान किश्तवाड़ में हुए दो बड़े सड़क हादसों को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि शुक्रवार को एक और मिनी बस के गहरी खाई में गिरने से 17 यात्रियों की मौत और 16 अन्य घायल हो गए। घायलों में से 11 को एयरलिफ्ट कर जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अस्पताल में रेफर कर दिया गया, अन्य का उपचार किश्तवाड़ अस्पताल में चल रहा है। सड़क हादसे का कारण ओवरलोडिंग, लापरवाही और जर्जर सड़क बताया जा रहा है। इस बीच, राज्यपाल प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार अनुग्रह राशि देने का एलान किया है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मृतकों के परिवारों से गहरी संवेदना जताई है। मृतक व घायल सभी स्थानीय हैं।

मिनी बस नंबर जेके17-0662 सुबह यात्रियों को लेकर केशवान से किश्तवाड़ आ रही थी। 24 सीटर मिनी बस में क्षमता से अधिक 33 यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 8:45 बजे मिनी बस जब किश्तवाड़ से करीब 20 किलोमीटर पहले ठकुराई इलाके में पहुंची तो मोबाइल पर बात कर रहे चालक का फोन अपने पैरों में गिर पड़ा। जर्जर सड़क से गुजर रही मिनी बस के चालक ने जब मोबाइल उठाने का प्रयास किया तो गाड़ी उसके नियंत्रण से बाहर हो गई और सड़क से करीब 500 मीटर नीचे खाई में चिनाब नदी के पास जा गिरी। इतनी ज्यादा ऊंचाई से गिरने की वजह से मिनी बस के परखच्चे उड़ गए। कुछ यात्रियों ने मिनी बस को गिरता देख बाहर छलंगा लगा दी। वे बच तो गए, मगर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद सड़क से गुजर रहे अन्य वाहनों में सवार लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। सबसे पहले पास स्थित भंडारकूट से 11 राष्ट्रीय राइफल के जवान और अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद सरकारी व समाज सेवी संगठनों की तकरीबन 10 एंबुलेंस कुछ ही समय में पहुंच गई। पुलिस, रेड क्रास सहित अन्य बचाव दलों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत अभियान शुरू कर दिया। डीसी किश्तवाड़ अंग्रेज ¨सह राणा, एसएसपी किश्तवाड़ राजेंद्र गुप्ता, सीएमओ किश्तवाड़ ने भी हादसा स्थल पर पहुंचकर व्यवस्था करवाई।

सबसे पहले घायलों को खाई से निकाल कर किश्तवाड़ जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद शवों को निकालने का काम शुरू हुआ। हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ ने किश्तवाड़ जिला अस्पताल ले जाते समय और वहां उपचार के दौरान दम तोड़ा। हादसे में घायल 16 लोगों में से 11 की गंभीर हालत होने पर सेना और पवन हंस के हेलीकॉप्टरों से एयरलिफ्ट कर जीएमसी रेफर कर दिया। जहां पर एक घायल ने जम्मू में दम तोड़ दिया। इसके अलावा दो अन्य की हालत भी बेहद गंभीर बताई जा रही है।

गौरतलब है कि पिछले महीने 20 अगस्त को किश्तवाड़ के कुलीगढ़ में हुए बस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 21 अगस्त को मचैल यात्रियों की वैन खाई में गिरने से 12 मचैल यात्रियों की जान चली गई थी। डोडा व किश्तवाड़ मार्ग पर हुए बड़े सड़क हादसे :

-07 अप्रैल 2006 : किश्तवाड़ में चिनाब दरिया में बस गिरने से 50 लोगों की मौत।

-25 फरवरी 2009 : डोडा में सड़क हादसा, 38 लोगों की मौत

-07 जून 2009 : डोडा में बस खाई में गिरी, 26 लोगों की मौत।

-07 सितंबर 2009 : डोडा में सड़क हादसा, 25 लोगों की मौत।

-23 जुलाई 2010 : चिनाब में मिनी बस गिरने से 25 लोगों की मौत।

-15 जनवरी 2010 : डोडा में सड़क हादसे में 35 लोगों की मौत।

-21 अगस्त 2018 : किश्तवाड़ के निकट वाहन के चिनाब में गिरने से 12 लोगों की मौत।

Posted By: Jagran