संवाद सहयोगी कटड़ा : पवित्र शारदीय नवरात्र में हर कोई मां वैष्णो देवी के अलौकिक दर्शन पाने को लालायित है। नवरात्रों में विश्व भर से श्रद्धालुओं का आना जारी है। विश्व प्रसिद्ध वैष्णो देवी भवन हो या फिर मार्ग या फिर आधार शिविर कटड़ा, हर तरफ मां के जयकारे गूंज रहे हैं। दुल्हन की तरह सजा मां वैष्णो देवी का दरबार हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। मां वैष्णो देवी के दरबार की छटा देख ऐसा प्रतीत होता है कि स्वयं मां वैष्णो देवी प्रकट होकर श्रद्धालुओं की मन की मुरादें पूरी कर रही हों। श्रद्धालु पैदल या फिर नंगे पांव या दंडवत होकर पूरी श्रद्धा के साथ मां के दरबार की ओर बढ़ रहे हैं। यहां तक कि अधिकांश श्रद्धालु अपने परिजनों के साथ व्रत रख आधार शिविर कटड़ा से करीब 13 किलोमीटर लंबा रास्ता तय कर मां के चरणों में हाजिरी लगाने के बाद व्रत संबंधी फलाहार ग्रहण कर रहे हैं। इतना ही नहीं, वैष्णो देवी यात्रा के दौरान भवन मार्ग पर विश्राम के दौरान भी श्रद्धालु टोलियां बनाकर मां के भजनों में लीन है। मां वैष्णो देवी के भवन के साथ ही अर्धकुंवारी, बाणगंगा, चरण पादुका आदि धार्मिक स्थल की सजावट हर किसी को आकर्षित कर रही हैं। हालांकि वर्तमान में मां वैष्णो देवी के भवन पर भीड़ के चलते श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है पर श्रद्धालु पूरी भक्ति भाव के साथ दर्शनों के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं दूसरी ओर नवरात्रों को लेकर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर चलते सुरक्षा बल पूरी तरह से चौकसी बरत रहे हैं। और साथ ही श्रद्धालुओं की यथा संभव सहायता भी कर रहे हैं। ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े। वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा वैष्णो देवी भवन के साथ ही भैरव घाटी,हिमकोटी, सांझी छत्त, आध कुंवारी, बाणगंगा तथा आधार शिविर कटरा में सूचना केंद्र स्थापित किए हैं ।यहाँ श्रद्धालु पल पल की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। दूसरी ओर वैष्णो देवी भवन पर सरस्वती धाम के प्रांगण में श्री माता वैष्णो देवी द्वारा आयोजित शतचंडी महायज्ञ में श्रद्धालु हाजिरी लगाकर पूण्य लाभ कमा रहे हैं और श्रद्धालु हवन यज्ञ में भाग लेकर पूजा अर्चना में लीन हैं यह विशाल यज्ञ प्रतिवर्ष श्राइन बोर्ड द्वारा विश्व शांति के लिए आयोजित किया जाता है दूसरी ओर प्रकांड पंडित डॉ विश्वमूर्ति शास्त्री के नेतृत्व में 51 प्रकांड पंडित निरंतर हवन यज्ञ के साथ ही पूजा अर्चना कर रहे हैं। माँ के दरवार जहाँ 10 अक्टूबर को 37355 श्रद्धालुओं ने हा•ारी लगाई थी। तो वही 11 अक्टूबर को 31365 तथा 12 अक्टूबर को 32814 श्रद्धालु माँ के दरवार पहुँचे थे।इसी तरह 13 अक्टूबर को शाम4 बजे तक 25 ह•ार श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवाकर परिजनों के साथ भवन के लिए रवाना हो चुके थे।

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