जम्मू-कश्मीर में 88 बर्फबारी वाले गांवों में जनगणना की तैयारी, 426 कर्मचारी होंगे तैनात
रामबन के 88 बर्फीले गांवों में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारी तेज हो गई है, जिसमें 2.27 लाख से अधिक लोगों की गणना की जाएगी। अ

HighLights
रामबन के 88 बर्फीले गांवों में जनगणना-2027 की तैयारी तेज।
2.27 लाख लोगों की गणना के लिए 388 ब्लॉक बनाए गए।
सेल्फ एन्यूमरेशन पर विशेष जोर, जागरूकता अभियान जारी।
जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। रामबन जिले के 88 बर्फबारी वाले गांवों में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारी तेज कर दी गई है। इन क्षेत्रों में 2,27,785 लोगों की गणना के लिए 388 एन्यूमरेशन ब्लॉक बनाए गए हैं और 426 गणनाकर्ता तथा 78 पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे।
जनगणना संचालन निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने बुधवार को रामबन में बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और बर्फीले क्षेत्रों में सेल्फ एन्यूमरेशन पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को बर्फीले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सेल्फ एन्यूमरेशन के बारे में व्यापक जानकारी देने के निर्देश दिए। सेल्फ एन्यूमरेशन की प्रक्रिया 17 से 31 अगस्त तक चल रही है। इसके लिए विभिन्न माध्यम से प्चार करने को कहा गया।
पंचायत और वार्ड स्तर पर भी जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इसके सात ही जनगणना देश के विकास की योजना, नीतियां बनाने, संसाधनों के आवंटन और सार्वजनिक सेवाओं की बेहतर पहुंच के लिए विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है। इसलिए गणना पूरी, सटीक और समय पर होनी चाहिए।
88 बर्फीले वाले इलाके शामिल
अधिकारियों ने बताया कि जिला और चार्ज स्तर के अधिकारियों तथा फील्ड प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। सुपरवाइजर और एन्यूमरेटर का प्रशिक्षण 20 से 29 अगस्त तक पूरा किया जाना है। इस अवसर पर बताया गया कि रामबन में 88 बर्फीले और 86 गैर-बर्फीले गांव हैं।
बर्फीले क्षेत्रों में हाउस लिस्टिंग के 342 ब्लॉक और 388 एन्यूमरेशन ब्लॉक हैं। बनिहाल, खड़ी, पोगल-परिस्तान, रामसू, रामबन, बटोत, राजगढ़ और गूल में तैयारियां की जा रही हैं।
लोगों के बीच चलेगा जागरूकता अभियान
बाद में अमित शर्मा ने उपायुक्त रामबन मोहम्मद इलियास खान और उपायुक्त ऊधमपुर मिंगा शेरपा के साथ मीडिया से बातचीत कर जनगणना की जानकारी दी। उन्होंने मीडिया से सेल्फ एन्यूमरेशन को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने में सहयोग मांगा। इस दौरान पोगल-परिस्तान के प्रतिनिधिमंडल ने पोगली बोली को जनगणना में शामिल करने की मांग भी रखी। बैठक में जिला नोडल अधिकारी जनगणना एवं एडीसी रामबन वरुणजीत सिंह चाड़क व अन्य मौजूद थे।
