संवाद सहयोगी, रियासी : वाटर वर्कर्स पीएचई इंप्लाइज एसोसिएशन की शुक्रवार को रियासी विभाग कार्यालय परिसर में जिला प्रधान मुंशीराम बाली की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें लंबित मांगे पूरी ना होने पर कर्मचारियों ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया।

इस मौके पर मुंशीराम वाली ने कहा कि बार-बार मांग के बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया जाता। वर्तमान में अस्थाई कर्मियों का 32 महीने का वेतन बकाया है। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन द्वारा सभी विभागों के कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए राज्य में 364 नाम का हेड बनाया गया है। लेकिन उस हेड में कश्मीर के कर्मचारियों का वेतन डाल कर उन्हें भुगतान कर दिया गया। जबकि जम्मू संभाग के कर्मचारियों के लिए उस हेड में पैसा नहीं डाला गया। जिस वजह से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यह भी जम्मू के साथ भेदभाव का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि जब कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है तो उन्हें समय पर वेतन भी दिया जाए। उन्होंने कर्मचारियों का वेतन शीघ्र देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कुछ समय पहले अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करने के लिए भी एसआरओ बनाया गया था। लेकिन उस पर भी अभी तक कोई अमल नहीं हुआ। विभाग में पदोन्नति भी नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामले हैं जब विभाग में अगर कोई हेल्पर नियुक्त होता है तो वह हेल्पर पद से ही रिटायर हो जाता है। ऐसे में कर्मचारियों को उनके काम के हिसाब से समय-समय पर पदोन्नत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को यह भरोसा भी दिया गया था कि आरटीआई ट्रे¨नग किए कर्मियों को अधिक वेतन का लाभ मिलेगा। लेकिन उन्हें भी आम कर्मियों के समान ही वेतन दिया जाता है। ऐसे में वह कर्मचारी भी अपने हक से वंचित है।

उन्होंने राज्य प्रशासन से अपनी लंबित मांगे पूरी करने की मांग की। बैठक में वेदप्रकाश, लहर ¨सह, बनारसी लाल, भूषण, रमेश, मोहम्मद यूसुफ, मीर हुसैन, शंकार ¨सह इत्यादि भी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran