संवाद सहयोगी रियासी : रियासी-डेरा मार्ग पर स्थित बब्बर पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने से राहगीरों व वाहनों को पेई नाले के बीच से गुजरना पड़ रहा है। वीरवार सुबह दोनों तरफ से पेई नाले को पार करने पहुंचे वाहन चालक और लोग खराब मार्ग देखकर भड़के उठे। उन्होंने पेई नाले पर क्षतिग्रस्त बब्बर पुल के निर्माण में हो रही देरी को लेकर बब्बर में ही पीडब्ल्यूडी के खिलाफ प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने पीडब्ल्यूडी पर बब्बर पुल के निर्माण में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही दूसरे राज्यों से बाबा बंदा बहादुर स्थल पर माथा टेकने आने वाले श्रद्धालुओं कोक जान जोखिम में डालकर पेई नाला पार करना पड़ता है।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों की पहल पर मशीन की मदद से नाले के बीच से गुजरने लायक अस्थायी रास्ता बनाया गया। उसके बाद ही लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वो सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे।

गौरतलब है कि रियासी- डेरा मार्ग पर बब्बर इलाके में पेई नाले पर बना पुल करीब डेढ़ माह पहले क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी मरम्मत का कार्य जारी है। पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद से ग्रामीण तथा वाहन पेई नाले के बीच से होकर आर पार हो रहे हैं, लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश के कारण नाले का जलस्तर अधिक हो गया तो उसे पार करना मुश्किल हो गया था। ऐसे में लोग निर्माणाधीन पुल के सरियों के बीच से गुजरकर आर-पार कर रहे हैं। बुधवार शाम को नाले का जलस्तर कम हो जाने पर रियासी से कुंडरा की तरफ जा रही एक मिनी बस पेई नाले को पार करने के दौरान मलवा और पत्थरों में फंस गई। इस मिनी बस में सवार यात्रियों ने खराब रास्ते तथा पुल के निर्माण कार्य में देरी को लेकर नाराजगी जताई। कई यात्रियों को आगे का सफर पैदल तय करना पड़ा।

पेई नाले में फंसी मिनी बस के चालक अशोक कुमार के अनुसार, असंतुलित हो जाने से मिनी बस का एक टायर हवा में झूल गया, जिससे मिनी बस फंस गई, जिसे ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया। लोगों ने बताया कि नाले में अक्सर वाहन फंस जाते हैं, जिन्हें बाहर निकालने के लिए धक्के लगाने पड़ते हैं।