संवाद सहयोगी, पौनी : जब भी चुनाव आते हैं तो नेताओं को लोगों की याद आ जाती है और वे वोट मांगने के लिए लोगों से वादे करने लगते हैं लेकिन अब जनता भी जागरूक हो गई है। लोगों का कहना है कि वे उसी को वोट देंगे जो विकास करवाएगा। आजादी के करीब 70 साल बाद भी आज भी तहसील में ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। गांव में न सड़क है न बिजली, पानी, चिकित्सा का कोई साधन, जिससे ग्रामीण अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। दूरदराज के गांव खनेयाड़ी, इक्खनी, गुलजार, विसी कालाकोट, संगड, विद्र, मता, नपाल के ग्रामीणों का कहना है कि वे सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। समस्याओं को लेकर बड़े से बडे़ नेता से भी गुहार

लगाई गई, लेकिन ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। जब मतदान का दौर आता है तो कई नेता गांव में विकास करवाने का आश्वासन देकर वोट हासिल कर ले जाते हैं जब जीत मिलती है तो उस नेता का लोगों की और से ध्यान हट जाता है। गांव मता के 89 वर्षीय बुजुर्ग मनसा राम का कहना है कि उन्हें आस थी कि गांव में उनके जीते जी विकास होगा, लेकिन सरकार की तरफ से विकास न होने पर उनकी यह उम्मीद भी शीघ्र पूरी होती नहीं दिख रही है। वह पिछले दो वर्ष से बिस्तर पर पड़े हैं और इलाज को लेकर

चिकित्सालय तक जाने में कोई साधन नहीं है। गांव में चिकित्सा का कोई साधन नहीं होने पर उनके परिवार के सदस्य उसके इलाज

को लेकर काफी चितित हैं। बीच-बीच में चारपाई पर बुजुर्ग के इलाज के लिए दस किमी पौनी पीएचसी में लाया जाता है, लेकिन प्रत्येक दिन उन्हें लाने में काफी दिक्कतें हो रही हैं। ग्रामीणों ने कहा इस बार वोट उसी नेता को देंगे जो विकास करवाएगा। लोगों की वर्षो से चली आ रही समस्याओं को हल करेगा। लोकसभा चुनाव नजदीक हैं जिसे देख लोग कहीं न कहीं बैठकर उसी नेता को वोट देने की बात कह रहे हैं जो इस बार उनके गांव में विकास करवाएगा।

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