संवाद सहयोगी, पौनी : आधार शिविर रनसू शिवखोड़ी को विकसित करने के लिए उपराज्यपाल के निर्देश दिए जाने से स्थानीय लोगों को उम्मीद बंधी है कि शिवखोड़ी का भी माता वैष्णो देवी कटड़ा की तरह विकास होगा। इससे यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेंगे।

वीरवार को रनसू में जिला विकास परिषद (डीडीसी) केवल कृष्ण शर्मा एवं स्थानीय लोगों ने बैठक आयोजित की, जिसमें एलजी मनोज सिन्हा द्वारा पर्यटन स्थल की तरह शिवखोड़ी को विकसित करने के निर्देश दिए जाने पर खुशी जाहिर की है। लोगों का कहना है देश भर से भोले शकर करने के दर्शन करने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं को प्रत्येक सुविधा एवं दर्शन करने को लेकर कोई दिक्कत न हो, इसको लेकर सरकार की तरफ से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार की तरफ से अब तक शिवखोड़ी में कई विकास कार्य करवाए गए हैं और कई प्रगति पर है। जिला विकास परिषद रनसू भारख केवल कृष्ण शर्मा ने कहा कि कटड़ा माता वैष्णो देवी, बाबा अमरनाथ की तरह शिवखोड़ी को विकसित करने के लिए सरकार के प्रयास को लेकर श्रद्धालु काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड रनसू में कार्यरत कíमयों को कटड़ा माता वैष्णो देवी की तरह स्थाई करने की माग की जा रही है। अगर सरकार की तरफ से शिवखोड़ी में स्थानीय लोगों को अपनी मालिकाना जमीन पर निर्माण कार्य की अनुमति मिलती है तो इससे क्षेत्र और ज्यादा विकसित होगा। लेकिन लोगों को टाउन प्लान के तहत जमीन आने पर निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जा रही है।

पीडब्ल्यूडी करेगा खराब सड़क की मरम्मत

रनसू शिवखोड़ी से दो किलोमीटर पहले दादर मोड़ क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी की तरफ से जल्द सड़क पर तारकोल बिछाया जाएगा। इससे पहले विभाग की तरफ से कंडा से रनसू बस स्टैंड तक 9 किलोमीटर के आसपास सड़क पर तारकोल बिछा दिया गया है। दादर मोड़ वाला क्षेत्र राजौरी जिले में होने के कारण निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा था। अब उसकी अनुमति मिलने के बाद जल्द तारकोल बिछा दिया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के एईई पवन बोगिया ने बताया कि रनसू क्षेत्र में देश भर से भोले बाबा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं को सड़क खराब के कारण कोई दिक्कत न हो, इसको लेकर सड़कों को पक्का किया जा रहा है। कंडा से रनसू 9 किलोमीटर सड़क पर तारकोल बिछाने का काम हो गया है, लेकिन अभी 2 किलोमीटर सड़क राजौरी जिले में होने के कारण उसकी मरम्मत कार्य करने में दिक्कतें आ रही थीं। बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद सड़क पर तारकोल बिछा दिया जाएगा।