जागरण संवाददाता, ऊधमपुर : राज्यसभा सचिवालय के डोगरी, कश्मीरी, कोंकणी, संथाली और ¨सधी भाषा में अनुवाद की व्यवस्था करने को भाजपा प्रदेश महासचिव पवन खजूरिया ने ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में डोगरी भाषा में बात रखने की मंजूरी डोगरों के लिए सम्मान है।

खजूरिया ने जम्मू-कश्मीर से चुने गए भाजपा सांसदों के इसके लिए किए गए प्रयासों को सराहा। खजूरिया ने बताया कि डोगरी भाषा को वर्ष 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि संसद के आगामी मानसून सत्र में राज्यसभा संसद संविधान की आठवीं सूची में शामिल 22 भारतीय भाषाओं में से किसी में भी भाषण दे सकेंगे। खजूरिया ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से चुने गए भाजपा सांसद ने जम्मू के लोगों की आवाज को लोकसभा व राज्य सभा में उठाया। उनके प्रयासों के कारण आज डोगरों को यह सम्मान मिला है।

By Jagran