संवाद सहयोगी, किश्तवाड़ : इलाके की प्रसिद्ध मचैल यात्रा में 22 अगस्त को हुए विवाद के बाद से मचैल मंदिर में पड़े त्रिशूल की वापसी को लेकर अनिश्चितता का आलम बुधवार को भी बरकार रहा। बुधवार को भी यह फैसला नहीं हो पाया कि भद्रवाह से आया मचैल यात्रा की छड़ी का त्रिशूल वापस कब जाएगा। हालांकि संस्था के संस्थापक ठाकुर कुलवीर ¨सह ने यात्रा का त्रिशूल वापस न ले जाने और अगले साल से भद्रवाह चिनौत स्थित मंदिर से मचैल यात्रा की छड़ी मचैल न ले जाने का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले से श्रद्धालु आहत हैं। उन्होंने ठाकुर कुलबीर सिंह से अपने फैसले पर फिर से विचार कर इसे वापिस लेने की अपील की है। मगर अभी तक इस बात का कोई फैसला नहीं हो पाया है। न ही सर्व शक्ति सेवा संस्था की तरफ से पवित्र छड़ी को लेकर कोई बयान आया है। वहीं श्रद्धालुओं में इस सारे घटनाक्रम को लेकर खासा रोष है और अब हर कोई इसे संस्था के अंदर जारी लड़ाई को जिम्मेदार समझ रहा है।

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