संवाद सहयोगी, किश्तवाड़ : किश्तवाड़ इलाके की प्रसिद्ध मचैल यात्रा पिछले दस दिनों से लगातार चल रही है। अभी तक 20 हजार के करीब श्रद्धालुओं ने माता चंडी के दरबार में जाकर माथा टेका है। इनमें बहुत सारे यात्री गुलाबगढ़ से मसु तक छोटे वाहनों में बैठकर जा रहे हैं और वहां से आगे 18 किलोमीटर पैदल चलकर माता चंडी के जयकारे लगाते हुए मचैल माता के दरबार जा आ रहे हैं।

कुछ यात्री गुलाबगढ़ से हेलीकॉप्टर में बैठकर मचैल माता के दर्शन के लिए आ-जा रहे हैं। शुरुआती तौर पर यात्रा में इतनी भीड़ नहीं थी, लेकिन पिछले पांच दिनों से लगातार यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। यात्री छोटी-बड़ी गाड़ियों में बैठकर किश्तवाड़ से माता के जयकारे लगाते हुए गुलाबगढ़ की तरफ जाते हुए नजर आ रहे हैं। यात्रियों के लिए पिछले कई दिनों से किश्तवाड़ के शालीमार में डोगरा सेवा समिति की तरफ से लंगर और सरकुट मंदिर में वेगाना गांव के लोगों का लंगर चल रहा था। रविवार को जलना गांव में भी एक लंगर शुरू किया गया, जिसमें रविवार सुबह पूजा-अर्चना और हवन यज्ञ के बाद एसएसपी किश्तवाड़ अबरार अहमद चौधरी, एडीसी किशोरी लाल शर्मा और भी कई गणमान्य लोगों ने पहुंच कर श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा। अब धीरे-धीरे यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है।

Posted By: Jagran