जागरण न्यूज नेटवर्क, किश्तवाड़/जम्मू : परिहार बंधुओं और चंद्रकांत शर्मा की हत्या के विरोध में शुक्रवार को किश्तवाड़ बंद रहा। इस दौरान स्कूल-कॉलेज भी नहीं खुले, हालांकि दूसरे समुदाय के लोगों ने अपनी दुकानें खुली रखीं। किश्तवाड़ में बंद के दौरान कोई जुलूस या प्रदर्शन नहीं हुआ और स्थिति शांत रही, जबकि पुराने डोडा के ठाठरी व अन्य इलाकों में सनातन धर्म सभा ने प्रदर्शन कर भाजपा नेता अनिल परिहार, उनके भाई अजीत परिहार व आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा व उनके पीएसओ के हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की। इस दौरान लोगों ने चिनाब वैली में फिर से आतंकी गतिविधियां बढ़ने पर कड़ी नाराजगी भी जताई।

किश्तवाड़ बंद का आह्वान सनातन धर्म सभा ने किया था। सभा के किश्तवाड़ के प्रधान हंसराज बुतियाल ने कहा कि परिहार बंधुओं और चंद्रकांत शर्मा की हत्या को एक महीने से ज्यादा समय हो चला है, लेकिन हत्यारों को पकड़ना तो दूर यह भी पता नहीं चल पाया कि हत्या किसने और क्यों की। ऐसे में वे इसके खिलाफ आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने को मजबूर हुए। अभी उन्होंने शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता चुना है, लेकिन यदि प्रशासन का रवैया नहीं बदला तो वे आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे। हमने सरकार के आगे यह मांग भी रखी है कि किश्तवाड़ से डीसी और एसएसपी का तबादला करयहां ऐसे अधिकारियों को भेजा जाए, जो यहां के लोगों के हित में काम करें। इस बीच, सनातन धर्म सभा जम्मू के प्रधान बोधराज शर्मा ने कहा कि सभा की तरफ से पुराने डोडा जिला के कई हिस्सों में प्रदर्शन कर सरकार की आखें खोलने की कोशिशें की गई है। क्षेत्र में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। सरकार लोगों के सब्र का इम्तिहान न ले। हमारे संयम को हमारी कमजोरी न समझा जाए। ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कदम नहीं उठाने पर वे सड़क पर उतरने से गुरेज नहीं करेंगे। वहीं बंद को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। पूरे किश्तवाड़ में पुलिस, सीआरपीएफ और आइटीबीपी के जवान मुस्तैद रहे।

Posted By: Jagran

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