जम्मू: कौन सी चूड़ियां पहनें और कब खरीदें? स्क्रीन पर मुहूर्त के फेर में महिलाएं, करवाचौथ पर उधमपुर के बाजार ठंडे
ऊधमपुर में करवाचौथ का बाजार ऑनलाइन मुहूर्त और पंचक के कारण प्रभावित हुआ है, जिससे महीनेभर का कारोबार दो सप्ताह ...और पढ़ें

करवाचौथ से पहले उधमपुर के बाजारों में फीकी रौनक। (फाइल फोटो)
HighLights
ऑनलाइन मुहूर्त और पंचक ने करवाचौथ बाजार को प्रभावित किया।
ऊधमपुर में महीनेभर का कारोबार दो सप्ताह में सिमटा।
दुकानदारों को आखिरी तीन दिनों में बिक्री बढ़ने की उम्मीद।
अमित माही, उधमपुर। मोबाइल स्क्रीन पर दिख रहा मुहूर्त अब बाजार की रफ्तार तय करने लगा है। करवाचौथ पर कौन सी चूड़ियां पहननी हैं, महिलाएं इंटरनेट से चुन रही हैं और खरीदारी कब करनी है, इसका फैसला भी सोशल मीडिया पर प्रसारित शुभ-अशुभ मुहूर्त के वीडियो देखकर कर रही हैं। दुकानदारों के मुताबिक, इस बार इंटरनेट मीडिया के प्रभाव ने महीनेभर चलने वाला कारोबार को दो सप्ताह में समेट दिया है। कुछ दिन अच्छी बिक्री के बाद अब पंचक शुरू होते ही ग्राहक कम हो गए। अब तक पिछले साल के मुकाबले अनुमानित 40 से 50 फीसदी तक कारोबार हुआ है।
पंचक 25 अक्टूबर को समाप्त होंगे, इसलिए कारोबारियों की निगाहें त्योहार से पहले बचे तीन दिनों पर टिकी हैं। अब दुकानदार आखिरी दिनों में ग्राहकी लौटने की उम्मीद भी लगाए बैठे हैं।
करवाचौथ से पहले बाजार में पहले जैसी रौनक नहीं
चूड़ी और श्रृंगार सामग्री विक्रेताओं के अनुसार, पहले करवाचौथ का सीजन अच्छा रहता था। इस दौरान बाजार में रौनक और दुकानों पर रहती थी। पर्व से दस दिन पहले दुकानों पर इतनी भारी भीड़ रहती थी, कि ग्राहकों को चीज लेने के लिए इतंजार करना पड़ता था। मगर इस बार इंटरनेट मीडिया पर शुभ अशुभ मुहूर्त संबंधी वीडियो के चलते ग्राहकों ने तारीख और समय देखकर खरीदारी की।
इस दौरान जब भी शुभ मुहुर्त बताया गया, उन दिनों दुकानों पर काम अच्छा रहा, और अशुभ बताए गए दिनों में काम न के बराबर रहा। दुकानदारों ने बताया कि बीते 16 से 21 अक्टूबर के बीच बिक्री अच्छी रही, लेकिन इसके बाद पंचक शुरू होते ही आवाजाही घट गई। अब कई दुकानों पर घंटों बाद इक्का-दुक्का ग्राहक पहुंच रहे हैं।
तीन दिनों में नुकसान की भरपाई मुश्किल
इस दौरान ट्रेंडिंग चूड़ियों की बिक्री से कुछ दुकानदारों का स्टॉक तेजी से खत्म हो गया। उन्होंने दोबारा माल मंगवाया, मगर सामान पहुंचने तक बाजार ठंडा पड़ चुका था। कई दुकानों में नए नग अब तक नहीं खुले हैं। उम्मीद है कि पंचक खत्म होने के बाद ग्राहक लौटेंगे, लेकिन तीन दिनों में नुकसान की भरपाई मुश्किल है।
लंबी गली और मुखर्जी बाजार में इस बार रौनक फीकी
करवाचौथ से पहले मुखर्जी बाजार की तस्वीर इस बार बदली नजर आ रही है। मनियारी की सबसे अधिक दुकानें होने के कारण जिस लंबी गली से करवाचौथ से एक सप्ताह पहले पैदल निकलना भी मुश्किल होता था, वहां अब दोपहिया और अन्य वाहन आसानी से गुजर रहे हैं।
बाजार में सामान्य दिनों के मुकाबले भीड़ जरूर है, लेकिन त्योहार से एक सप्ताह पहले उमड़ने वाली ग्राहकों की भीड़ नदारद है। बाजार की यह स्थिति करवाचौथ की खरीदारी में आई कमी को साफ दर्शा रही है। दुकानदारों को अब उम्मीद है कि पंचक समाप्त होने के बाद ग्राहकी बढ़ेगी और बाजार में फिर रौनक लौटेगी।
पहले पंचक में भी खरीदारी चलती थी
शाहनी दी हट्टी संजय महाजन ने बताया पंचक को लेकर थोड़ा बहुत विचार होता था, मगर जितना इस बार हो रहा है, इतना पहले कभी नहीं हुआ। इन दिनों में भी ग्राहक खरीदारी करते थे 1 और करवाचौथ से पहले दुकानों पर भारी भीड़ रहती थी। इस बार पंचक शुरू होते ही ग्राहक लगभग गायब हो गए।
अभी तक पिछले साल के मुकाबले कारोबार 50 से 60 फीसदी तक कम है। पंचक खत्म होने पर ग्राहकी, और बिक्री दोनों बढ़ने की पूरी उम्मीद है। मगर इसके बावजूद तीन दिन में पूरे करवाचौथ कारोबारी सीजन में प्रभावित हो चुके कारोबार की पूरी भरपाई होना मुश्किल होगी।
इंटरनेट पर दिखा डिजाइन, बाजार में उसी की तलाश
सहेली कॉस्मेटिक स्वनिल पचियाला ने बताया सोशल मीडिया का असर इस बार करवाचौथ बाजार पर साफ नजर आ रहा है। शुभ अशुभ मुहूर्त के चक्कर में अभी तक कारोबार 50 फीसद तक प्रभावित हो चुका है। अब पंचकों के कारण इक्ता दुक्का ग्राहक ही आ रहे हैं। इसके अलावा चूड़ियों की पसंद पर सोशल मीडिया का असर भी खासा है।
इंटरनेट पर ट्रेडिंग वाटर बैंगल, जेली बैंगल, स्टोन आदि की की मांग काफी अधिक है। चूड़ियों की बिक्री में इनकी हिस्सेदारी 40 से 50 फीसदी से अधिक है। आने वाले ग्राहकों में से 30-40 फीसदी ग्राहक मोबाइल पर ट्रेंडिंग डिजाइन दिखाकर वैसी ही चूड़ियां मांगते हैं।
हूबहू डिजाइन न मिले तो मिलते-जुलते विकल्प तलाशते हैं। कुंदन, मोती, सीप, वेलवेट, स्टोन, लाख, मेटल, जयपुरी, राजस्थानी और कश्मीरी डिजाइन की भी मांग है। वेलवेट, घुंघरू वाली चूडियों भी डिमांड में है।
दोबारा मंगवाया माल, अब ग्राहकों का इंतजार
उपहार घर संजीव जंडियाल ने बताया करवाचौथ के सीजन का जैसा हाल इस बार हुआ है, वैसा इससे पहले उन्होंने कभी नहीं देखा। इस बार इंटरनेट मिडिया की वजह से मूहुर्तों वाले दिनों में बिक्री अच्छी हुई। बिना मुहूर्त वाले दिनों में न के बराबर काम रहा। पिछले दिनों अच्छा काम रहने से ट्रेंडिंग चूड़ियों का स्टॉक खत्म होने पर दोबारा मंगवाया। लेकिन माल आते ही कारोबार ठंडा पड़ गया।
अब घंटों बाद इक्का-दुक्का ग्राहक चूड़ियां या श्रृंगार सामग्री लेने पहुंचता है। पिछले साल की तुलना में इस बार अभी तक करीब 40 फीसदी कारोबार ही हुआ है। पंचक खत्म होने के बाद बाजार में लौटने वाले ग्राहक तय करेंगे कि नुकसान कितना कम हो पाएगा। तीन दिनों में तीन सप्ताह से प्रभावित कारोबार की भरपाई संभव नहीं।
