विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बजट न मिलने पर शिक्षकों ने जताया विरोध, बोले- फंड तुरंत जारी न हुआ तो बंद करना पड़ेगा मिड-डे मील

By Sher Singh Edited By: Hema Devi
Published: Sun, 06 Sep 2026 06:29 PM (GMT+05:30)

जम्मू-कश्मीर टीचर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने ऊधमपुर में शिक्षकों की लंबित मांगों को उठाया, जिसमें मिड-डे मील के बकाया भुगतान और शिक्षा स्वयंसेवकों के नियमितीकरण की मांग प्रमुख थी।

ऊधमपुर में शिक्षकों की लंबित मांगों पर जेकेटीजेएसी की आवाज।

ऊधमपुर में शिक्षकों की लंबित मांगों पर जेकेटीजेएसी की आवाज।

HighLights

  1. मिड-डे मील का 7-8 महीने का बकाया भुगतान लंबित।

  2. शिक्षा स्वयंसेवकों के नियमितीकरण की फाइलें जल्द स्वीकृत हों।

  3. आरईटी शिक्षकों की स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता की मांग।

जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। जम्मू-कश्मीर टीचर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी की बैठक रविवार को जिला अध्यक्ष ऊधमपुर लेख राज परिहार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिले के सभी 11 जोनों से जेकेटीजेएसी के कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान शिक्षकों से जुड़े विभिन्न लंबित एवं ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष ने कहा कि मिड-डे मील की राशि पिछले 7 से 8 महीनों से लंबित है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने विभाग से जल्द बकाया राशि जारी करने की मांग की।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भुगतान में और देरी हुई तो शिक्षक इसे बंद करने के लिए मजबूर हो सकते हैं, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों को मिलने वाले भोजन पर पड़ेगा।

बैठक में शिक्षा स्वयंसेवकों को आरईटी में परिवर्तित किए जाने के बाद उनके नियमितीकरण का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने कहा कि संबंधित कर्मचारियों की फाइलें प्रशासनिक विभाग में लंबित हैं, जिन्हें जल्द मंजूरी दी जानी चाहिए।

पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता

इसके अलावा बचे हुए आरआरईटी शिक्षकों को टीचर ग्रेड-सैकेंड और थर्ड में परिवर्तित करने, सेवा के दौरान शिक्षकों द्वारा प्राप्त स्नातक डिग्रियों को पोस्ट फैक्टो अनुमति देकर स्वीकार करने तथा उन्हें टीचर ग्रेड-सैकेंड में परिवर्तित करने की मांग भी रखी गई।

जेकेटीजेएसी ने शिक्षकों से मास्टर के पद पर पदोन्नति के लिए डीपीसी करवाने, एसएसए के तहत अपग्रेड किए गए मिडिल स्कूलों में मास्टरों के नॉन-प्लान पद स्वीकृत करने तथा टिकरी और पंचैरी जोन के शिक्षकों के समय-सीमा से लंबित एरियर जारी करने की मांग की।

संगठन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी ऊधमपुर से कुछ जोनों में शिक्षकों और मास्टरों के सर्विस रिकॉर्ड पूरे करवाने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की, ताकि कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनगणना का कार्य पूरा होने तक सभी विभागीय प्रशिक्षण स्थगित किए जाएं। संगठन ने कहा कि स्कूलों में पहले ही स्टाफ की कमी है और लगातार प्रशिक्षणों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

फाइलों में अटका नियमितीकरण

इस बीच, जेकेटीजेएसी के प्रदेश अध्यक्ष विनोद शर्मा के नेतृत्व में संगठन ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव राम निवास शर्मा आईएएस का शिक्षकों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित आरईटी शिक्षकों की ट्रांसफर पॉलिसी के ड्राफ्ट को जारी करने के लिए आभार जताया।

हालांकि नेतृत्व ने ड्राफ्ट में कुछ आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग करते हुए इसे और अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। इस मौके पर सुकेश खजूरिया, अशोक सेठ, प्रीतम गोस्वामी, जगदीश चंद्र शर्मा, रंजीत सिंह, भूषण खजूरिया, शमशेर सिंह, बलविंदर सिंह, अनिल शर्मा, शाम सिंह व अन्य मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- गुलाम जम्मू कश्मीर में प्रदर्शनकारियों पर सरकार का अत्यधिक बल प्रयोग, चुनाव प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल