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₹311 रोज की मजदूरी, 70 महीने का वेतन बकाया, ऊधमपुर में जल शक्ति विभाग के डेलीवेजरों का प्रदर्शन; आंदोलन की चेतावनी

Published: Sat, 03 Oct 2026 05:05 PM (IST)

जल शक्ति पीएचई कर्मचारी एवं वर्कर्स एसोसिएशन ने ऊधमपुर में अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने डेलीवेजरों ...और पढ़ें

लंबित मांगों को लेकर जल शक्ति पीएचई कर्मचारियों व डेलीवेजरों का जोरदार प्रदर्शन।

लंबित मांगों को लेकर जल शक्ति पीएचई कर्मचारियों व डेलीवेजरों का जोरदार प्रदर्शन।  

HighLights

  1. डेलीवेजरों के नियमितीकरण के लिए ठोस नीति बनाने की मांग।

  2. वर्षों से लंबित वेतन और न्यूनतम मजदूरी लागू करने की अपील।

  3. कर्मचारियों की भारी कमी और सेवानिवृत्त कर्मियों के देयों का मुद्दा।

जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। जल शक्ति पीएचई कर्मचारी एवं वर्कर्स एसोसिएशन ने शुक्रवार को पीएचई कांप्लेक्स ऊधमपुर में अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता एसोसिएशन के जिला प्रधान एवं जम्मू प्रांत के वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता सोमनाथ ने की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र के दौरान भी डेलीवेजरों के पक्ष में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया और उन्हें लगातार आश्वासनों के सहारे रखा जा रहा है।

सोमनाथ ने सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि डेलीवेजरों के नियमितीकरण, वर्षों से लंबित वेतन और अन्य मांगों को लेकर अभी तक कोई प्रभावी नीति नहीं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार चरणबद्ध तरीके से नियमितीकरण की बात करती है, लेकिन जमीन पर कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही।

उन्होंने आरोप लगाया कि समिति की रिपोर्ट छह महीने में आने की बात कही गई थी, लेकिन डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी कोई परिणाम सामने नहीं आया।

रिकॉर्ड पेश नहीं हुआ तो फिर आंदोलन करेंगे डेलीवेजर

एसोसिएशन ने यह भी मुद्दा उठाया कि कैट में 192 डेलीवेजरों से संबंधित एक मामला दायर किया गया है, लेकिन जल शक्ति पीएचई डिवीजन ऊधमपुर की ओर से कथित रूप से केवल 13 मस्टर रोल शीट प्रस्तुत की गई हैं। एसोसिएशन ने मांग की कि शेष 179 डेलीवेजरों से संबंधित रिकॉर्ड भी प्रस्तुत किया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो डेलीवेजर फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

एसोसिएशन ने न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। वक्ताओं ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में डेलीवेजरों को मात्र 311 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जा रहा है, जो मौजूदा परिस्थितियों में अपर्याप्त है। उन्होंने मांग की कि न्यूनतम वेतन की दरों में संशोधन कर इन्हें अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के अनुरूप किया जाए।

एसोसिएशन ने वर्ष 2014 से 2020 तक के लंबित वेतन को भी तत्काल जारी करने की मांग की। नेताओं ने आरोप लगाया कि कई डेलीवेजरों को 65 से 70 महीनों तक का वेतन नहीं मिला है। साथ ही सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों और वर्करों के लंबित देयों का भुगतान भी शीघ्र करने की मांग की गई।

कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा जल शक्ति विभाग

नियमितीकरण के मुद्दे पर एसोसिएशन ने कहा कि सीपी, आईटीआई और लैंड केस श्रेणी के उन कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर नियमित किया जाए, जिन्होंने सात वर्ष की सेवा पूरी कर ली है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हैं। इसके लिए नई और स्पष्ट नीति बनाने की मांग की गई।

एसोसिएशन ने विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में जलापूर्ति योजनाएं सीमित स्टाफ के सहारे चल रही हैं और हर महीने सेवानिवृत्ति के कारण यह समस्या बढ़ती जा रही है। नई जल जीवन मिशन योजनाएं शुरू की जा रही हैं, लेकिन उनके संचालन के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं की जा रही। इससे मौजूदा डेलीवेजरों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ रहा है।

उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से अपील 

सोमनाथ ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से डेलीवेजरों के नियमितीकरण, लंबित वेतन, न्यूनतम मजदूरी और स्टाफ की कमी जैसे मुद्दों पर शीघ्र ठोस नीति बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रहे वर्करों की समस्याओं का समाधान अब और लंबित नहीं किया जाना चाहिए।

प्रदर्शन में विजय शर्मा, दिनेश केसर, विनोद कुमार, मोहिंदर सिंह, अशोक कुमार, जगदीश मगोतरा, करण सिंह, रतन लाल, जगदीश चंदर, प्रभु लाल और तिलक राज कटोच सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी संबोधित किया।
ऊधमपुर, अमित