संवाद सहयोगी, पौनी : क्षेत्र में कुछ समय से लोग तेंदुए की दहशत से भयभीत हैं। तेंदुआ रात हो या दि, घरों के नजदीक से जंगल की ओर जाते देखा गया है, लेकिन उसके आतंक को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।

सुदीनी के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि गांव में तेंदुए के आतंक से लोग परेशान हैं। तेंदुए ने कई पालतू कुत्तों को मारने के साथ-साथ मवेशियों को भी मार दिया है। घरों में बांधे मवेशियों पर तेंदुआ हमला बोल देता है, जिसके बाद लोगों द्वारा शोर मचाने के बाद तेंदुए को जंगल में खदेड़ा जाता है। तेंदुए के आतंक को रोकने के लिए कई बार वन विभाग और वाइल्ड लाइफ वालों को लिखित में आवेदन दिया गया है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।

20 पालतू पशुओं पर तेंदुआ बोल चुका है हमला

क्षेत्र में तेंदुआ अब तक बीस के करीब लोगों के पालतू जानवरों को नुकसान पहुंचा चुका है। इसके अलावा भारख, सुंगल, काना और दोमेल के साथ लगते मार्ग पर भी तेंदुआ देखा गया है। दिन में जंगल में रहने के बाद शाम ढलते ही तेंदुआ लोगों के घरों के बाहर आकर बैठ जाता है, जिससे लोगों का रात के समय अपने घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। उन्हें ग्रामीणों की शिकायत मिली है। तेंदुए के आतंक को रोकने के लिए वाइल्ड लाइफ विभाग को लिखा गया है। तेंदुए को पकड़ कर जल्द ही लोगों की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

नईम नाइक, रेंज अधिकारी, वन विभाग

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