जागरण संवाददाता, ऊधमपुर : जम्मू-श्रीनगर हाईवे शनिवार को भी पांच घंटे बंद रहा। इस दौरान बड़े वाहनों की आवाजाही तो पूरी तरह से ठप रही, मगर छोटे वाहनों को झूला पुल वाले रास्ते से प्रभावित क्षेत्र को बाईपास कर दोनों और निकाला जाता रहा।

बता दें कि वीरवार शाम को जम्मू संभाग के रामबन जिले के मिहाड़ इलाके में भारी भूस्खलन होने की वजह से जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई थी। हालांकि इस दौरान डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह, गूल, संगलदान व रामबन तक आने वाले वाहनों को जाने अनुमति रही। मगर घाटी जाने वाले वाहनों को ऊधमपुर व इसके पीछे रोक दिया गया। 24 घंटे के बाद हाईवे खुला और रास्ते में फंसे वाहनों को निकालने का काम शुरू किया गया, लेकिन इस बीच भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में बार-बार मलबा और पत्थर गिरने की वजह से यातायात रुक-रुक कर चला। पहले यात्री वाहनों को निकाला गया। इसके बाद रात दो बजे तक श्रीनगर से जम्मू की तरफ जाने वाले फलों के वाहनों सहित अन्य वाहनों को निकाल दिया गया।

इस दौरान मिहाड़ में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में मलबा हटाने का काम साथ-साथ चलता रहा। शनिवार सुबह दस बजे मलबा आने की वजह से हाईवे एक बार फिर से बंद हो गया। जिसके बाद मलबा हटाने का काम शुरू करवा कर दोपहर बाद तीन बजे हाईवे को केवल तेल व सब्जी जैसी आवश्यक वस्तुएं ले जाने वाले वाहनों के लिए खोला गया।

इस बारे में डीएसपी ट्रैफिक रामबन सुरेश शर्मा ने बताया कि सुबह 10 बजे बंद हुआ हाईवे दोपहर बाद तीन बजे खोल दिया गया, मगर खुलने के बाद तेल और सब्जी सहित अन्य आवश्यक चीजें ले जाने वाले ट्रकों को निकाला जा रहा है। करीब 900 ट्रकों को निकाला गया। मिहाड़ में मलबा और पत्थर लगातार आ रहे हैं, जिस वजह से मलबा हटाने का काम भी साथ-साथ करना पड़ रहा है। हालांकि सुबह दस से तीन बजे तक जब हाईवे बंद था, उस समय भी झूला पुल वाले मार्ग से छोटे यात्री वाहनों को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र को बाईपास कर दूसरी और निकाला गया।

Posted By: Jagran

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