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शिवखोड़ी में भारी बारिश का असर! शिवगंगा का जलस्तर बढ़ा, रनसू-संगड़ जलापूर्ति योजना को नुकसान

Published: Tue, 01 Sep 2026 07:00 AM (IST)

पौनी क्षेत्र में भारी वर्षा से शिवगंगा का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे रनसू-संगड़ जलापूर्ति योजना को भारी नुकसान ...और पढ़ें

रनसू शिवखोडी में भारी वर्षा के बाद बड़ा हुआ शिवगंगा का जलस्तर। फोटो- जागरण

रनसू शिवखोडी में भारी वर्षा के बाद बड़ा हुआ शिवगंगा का जलस्तर। फोटो- जागरण

जागरण संवाददाता, पौनी। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में हो रही भारी वर्षा के चलते आधार शिविर रनसू स्थित शिवगंगा का जलस्तर काफी बढ़ गया है। तेज बहाव के कारण शिवखोड़ी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रनसू-संगड़ वाटर सप्लाई स्कीम के मुख्य जल स्रोतों के साथ-साथ पानी की पाइपों को भी क्षति पहुंची है, जिसके चलते शिवखोड़ी यात्रा मार्ग पर पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है।

जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के बाद शिवगंगा में अचानक पानी का बहाव बढ़ गया। तेज बहाव की चपेट में आने से जल शक्ति विभाग की पेयजल योजना के कुछ मुख्य जल स्रोत प्रभावित हुए हैं।

इसके अलावा यात्रा मार्ग पर पीने के पानी की सप्लाई मुहैया करवाने के लिए शिवगंगा के किनारे विभिन्न हिस्सों में बिछाई गई पानी की पाइपें भी पानी के तेज बहाव के कारण बह गई हैं। पाइपों के क्षतिग्रस्त होने से रनसू और शिवखोड़ी यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध करवाने में परेशानी उत्पन्न हुई है।

शिवखोड़ी में पानी की सप्लाई प्रभावित

शिवखोड़ी में इन दिनों श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। ऐसे में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने के बाद यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। श्राइन बोर्ड यात्रियों के लिए पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है।

पानी की किल्लत दूर करने में जुटा श्राइन बोर्ड

श्री शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड के प्रबंधक तरसेम लाल शर्मा ने बताया कि भारी वर्षा के कारण पेयजल आपूर्ति योजना को नुकसान पहुंचा है और यात्रा मार्ग पर पानी की पाइपें भी प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को पीने के पानी की समस्या न हो, इसके लिए बोर्ड की ओर से ठोस कदम उठाए गए हैं तथा आवश्यक स्थानों पर वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर क्षतिग्रस्त पाइपों और जल स्रोतों को जल्द से जल्द दुरुस्त करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पेयजल आपूर्ति को सामान्य किया जा सके।

वहीं, लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में नदी-नालों और जल स्रोतों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन एवं संबंधित विभागों की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी यात्रा मार्ग पर क्षतिग्रस्त हुई पेयजल पाइपों की जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है, ताकि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।