संवाद सहयोगी, किश्तवाड़ : जिला किश्तवाड़ की पाडर तहसील के गांव मचैल में स्थिति माता चंडी के कपाट रविवार को खोल दिए जाएंगे। इसके लिए लिए जिला उपायुक्त किश्तवाड़ मचैल गांव पहुंच गए हैं। जिला उपायुक्त और मचैल संस्था के सदस्य पहले हवन करेंगे और उसके बाद माता के दर्शन के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे, लेकिन आम यात्रियों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है।

क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार, सावन की संक्रांति के दिन पाडर तहसील के सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन कुछ सालों से मचैल माता का मंदिर सिर्फ 9 दिन के लिए बंद किया जाता है। 15 जुलाई को माता चंडी मंदिर को बंद कर दिया गया था, जिसे रविवार को खोला दिया जाएगा, लेकिन पाडर के अन्य मंदिरों के कपाट भादो की संक्राति के दिन ही खोले जाएंगे।

जिला उपायुक्त किश्तवाड़ अशोक शर्मा के अनुसार, आम लोगों को मचैल जाने की अनुमति नहीं है। सिर्फ छड़ी यात्रा को जाने की इजाजत होगी वह भी चंद लोगों के साथ। जिला उपायुक्त ने कहा कि ठाठरी से लेकर गुलाबगढ़ तक पुलिस नाके लगाए गए हैं, जो भी यात्री जम्मू, ऊधमपुर या बाकी जिलों से आएंगे, उन्हें लौटा दिया जाएगा।

गौरतलब है कि मचैल यात्रा लगातार तीन साल से स्थगित हो रही है। वर्ष 2 019 में अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर आठ दिन के बाद ही यात्रा बंद कर दी गई। वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण की वजह से यात्रा स्थगित करनी पड़ी। वहीं, इस बार भी कोरोना संक्रमण के कारण यात्रा शुरू करने अनुमति नहीं दी गई है।

Edited By: Jagran