जागरण संवाददाता, ऊधमपुर : जिले में लेमनग्रास और लैवेंडर जैसी सुगंधित फसलों की वैज्ञानिक खेती शुरू करने के प्रयासों के तहत सीएसआइआर-आइआइआइएम जम्मू के सहयोग से आत्मा-एसएमएई 2021-22 के तहत शनिवार को डीसी दफ्तर परिसर में सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में वैज्ञानिकों और किसानों ने हिस्सा लिया।

डीसी इंदु कंवल चिब ने बतौर मुख्य मेहमान सम्मेलन में हिस्सा लिया। जिले में विभिन्न ब्लाकों से 50 के करीब किसान सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर सीएसआइआर-आइआइआइएम जम्मू के वैज्ञानिकों डा. राजेंद्र भंवरिया, डा. वीपी राहुल और भूषण कुमार ने सम्मेलन में आए किसानों को जिले के उपोष्णकटिबंधीय और समशीतोष्ण क्षेत्र में लैवेंडर और लेमनग्रास जैसी सुगंधित फसलों की खेती के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने दोनों फसलों की खेती की तकनीक और इससे आर्थिक पहलुओं और पारंपरिक खेती से तुलनात्मक जानकारी दी।

मुख्य कृषि अधिकारी एससी शर्मा ने जिले में सुगंधित फसलों की संभावना और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों और अधिकारियों से कहा कि जिले में विभिन्न कृषि जलवायु परिस्थितियों के कारण जिले में सुगंधित फसलों की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस क्षमता का उपयोग करने के लिए क्लस्टर आधार पर प्रगतिशील किसानों की पहचान करने का निर्देश दिया।

वही्रं, बैठक में डीसी ने जिला रियासी में सुगंधित फसलों के बारे में अपने अनुभव को साझा किया और किसानों से इस उद्यम को बड़े पैमाने पर अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पड़ोसी जिला रियासी में इन फसलों के अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। उन्होंने प्रारंभिक चरण में बंदरों से प्रभावित क्षेत्रों को डेमोंस्ट्रेशन के लिए लेने को कहा। उन्होंने किसानों को जिले में इस परियोजना को सफल बनाने में जिला प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर आलोक पंडोत्रा, जिला कृषि अधिकारी (विस्तार), ऊधमपुर विकास पादा, सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी और जिले के सभी प्रखंडों के अन्य जिला अधिकारी और क्षेत्र अधिकारी उपस्थित थे।

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