उधमपुर में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर संग्राम, कांग्रेस और पुलिस के बीच हुई धक्का-मुक्की; हिरासत में कई नेता
ऊधमपुर में जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर उधमपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की।
HighLights
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की
ऊधमपुर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया
चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों पर आंदोलन जारी रहेगा
जागरण संवाददाता, उधमपुर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी उधमपुर ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमीत मगोत्रा की अध्यक्षता में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, वरिष्ठ नेता, जिला पदाधिकारी और फ्रंटल संगठनों के सदस्य शामिल हुए।
यह प्रदर्शन कांग्रेस के देशव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसमें पार्टी ने ज्ञानेश कुमार को हटाने, गिरफ्तारी और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है। पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर प्रदर्शन बंद करवाया।
जिला कांग्रेस के ऑब्जर्वर एवं पूर्व विधायक ठाकुर बलवीर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हाथों पर काली पट्टियां बांधकर बाजार में मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार का पुतला गधे पर बैठाकर बाजार में घुमाया और सलाथिया चौक की ओर
बढ़े।
सलाथिया चौक पहुंचने पर पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया था। पुतला दहन से पहले पुलिस ने पुतले को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर ही विरोध में उतर आए और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमीत मगोत्रा और पूर्व विधायक ठाकुर बलवीर सिंह को हिरासत में लेकर वाहन में बैठाने का प्रयास किया। इसका कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और कई कार्यकर्ता पुलिस वाहन के आगे खड़े हो गए। काफी देर तक मौके पर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा।
पूर्व विधायक ठाकुर बलवीर सिंह ने कहा कि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर आंदोलन जारी रखेगी। वहीं, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमीत मगोत्रा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जनता के सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
उन्होंने स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी की लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास से जुड़े मुद्दों को लेकर है। पार्टी नेताओं के अनुसार, जब तक इन सवालों पर पारदर्शी जवाब नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने 25 सितंबर को देश के विभिन्न हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया था। पार्टी का यह अभियान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े विवाद और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर उठे सवालों की पृष्ठभूमि में चल रहा है।
हिरासत में लिए गए नेताओं में गुंजार सिंह, विनोद खजूरिया, सूरज चौधरी, अनिल पचियाला, ओम प्रकाश, मदन माथुर, शशि मनहास, बंसी लाल, द्वारका प्रसाद, अशोक शर्मा, अशोक जंडियाल, हंस राज ठाकुर, रामपाल भगत, ओपी खोखर, कुलदीप सिंह मनहास सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रदर्शन के कुछ समय के बाद सभी प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया गया।
