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पुलिस को गच्चा देकर फूंका CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला, रियासी में कांग्रेस-नेकां का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

Published: Thu, 08 Oct 2026 04:35 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस कार्यकर्ताओं ने भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया।

कांग्रेस-नेकां कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, चीफ इलेक्शन कमिश्नर का पुतला जलाया।

कांग्रेस-नेकां कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, चीफ इलेक्शन कमिश्नर का पुतला जलाया।

HighLights

  1. कांग्रेस और नेकां कार्यकर्ताओं ने रियासी में प्रदर्शन किया

  2. मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाकर विरोध जताया गया

  3. भाजपा पर कथित धांधली और जनहित के मुद्दे उठाए

संवाद सहयोगी, रियासी। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में वीरवार को कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस कार्यकर्ताओं ने भाजपा और चीफ इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ प्रदर्शन किया।

इस दौरान पुलिस और प्रशासन का ध्यान मिनी सचिवालय की ओर होने का फायदा उठाते हुए तरेंथा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अचानक चीफ इलेक्शन कमिश्नर का पुतला निकालकर जला दिया। पुलिस ने दोनों दलों के कुछ नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें कुछ समय बाद छोड़ दिया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पुतला जलाने का किया था प्रयास

कुछ दिन पहले भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मिनी सचिवालय के मुख्य द्वार के बाहर मुख्य सड़क पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर का पुतला जलाने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने उनका प्रयास विफल कर दिया था।

वीरवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने माथे और बाजू पर काली पट्टियां बांधकर पहले गीता नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

इसके बाद कुछ कार्यकर्ता मिनी सचिवालय के मुख्य गेट पर पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे, जिससे पुलिस और प्रशासन का ध्यान वहां केंद्रित हो गया। इसी दौरान तरेंथा में मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर का पुतला जलाकर विरोध जताया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और नेकां कार्यकर्ताओं ने भाजपा और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में वोटों की कथित धांधली के जरिए लाभ उठाती रही है और वोटों की कथित चोरी का मामला सामने आ चुका है।

नेताओं ने विकास, युवाओं के रोजगार और सड़कों की खराब हालत सहित अन्य मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों को सुलझाने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। लेकिन उनकी आवाज आगे भी उठती रहेगी।