जागरण संवाददाता, ऊधमपुर : अस्थायी कर्मियों को नियमित करने और मिनीमम वेजिस एक्ट लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने काम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले प्रदर्शन कर सफाई कर्मचारियों ने प्रदेश प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मांगें पूरी न होने तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया।

अखिल भारतीय मजदूर संघ के कार्यकारी जिला अध्यक्ष गिरधारी लाल ने कहा कि सरकार और शहरवासी फैसला कर सकते हैं कि सफाई कर्मचारियों की मांगें जायज हैं या नाजायज है। सिलेंडर 900 और आटा 30 रुपये किलो है। सफाई कर्मचारी बच्चों को पढ़ाएं, खिलाएं या अन्य जरूरतों को पूरा करें। सफाई सैनिक का नाम दिया गया है, मगर मौलिक अधिकारों को भी पूरा नहीं किया जा रहा। उन्होंने शहरवासियों और नेताओं से सहयोग के लिए आगे आने और उपराज्यपाल से सफाई कर्मचारियों की मांग को पूरा करने की अपील की।

इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2014 से अस्थायी कर्मी स्थायी करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अनेक बार हड़ताल और आंदोलन कर चुके हैं। पिछली बार भी करीब दो सप्ताह तक हड़ताल की थी। हर बार आश्वासन देकर हड़ताल तो खत्म करवा दी जाती है, मगर मांग कभी पूरी नहीं की गई। इस बार भी 15 दिन पहले हड़ताल का नोटिस दिया गया था, मगर इसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। सफाई कर्मचारियों ने सात साल का कार्यकाल पूरा कर चुके सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, मिनीमम वेजिस एक्ट लागू करने, पुरानी पेंशन योजना लागू कर वर्ष 2010 के बाद भर्ती हुए सफाई कर्मचारियों को पेशन का का लाभ देने, ढाई दिन का वेतन जारी करने, ठेकेदारी व्यवस्था को कम करने और एसआरओ का लाभ देने सहित अन्य लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग। मांगें पूरी न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस अवसर पर नगर परिषद सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष काका हुसैन, उपाध्यक्ष डेविड संधु, कैशियर मोहम्मद शरीफ और मेहराज, डेलीवेजर इकाई के प्रधान जोयेल संधु, उपप्रधान गौतम और कैशियर मीरा हरी राम के अलावा बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद थे।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप