संवाद सहयोगी, रियासी : माहौर के कंसोली क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए ने आठ वर्षीय बच्चे को अपना शिकार बना दिया। इस घटना के बाद लोग भड़क उठे। वहीं, डीसी सागर दत्तात्रेय ने ड्यूटी में लापरवाही के लिए वन्य जीव संरक्षण विभाग के दो कर्मियों को सस्पेंड करने के साथ जांच के आदेश जारी किए। उन्होंने सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट उन्हें सौंपने के निर्देश दिए।

रकमत अली पुत्र मोहम्मद रफीक चौधरी निवासी कंसोली तहसील माहौर शौच के लिए मां के साथ घर से बाहर निकला। चंद कदम दूर छिपकर बैठे तेंदुए ने मासूम पर झपटा मारा और उसे मुंह में दबोच कर जंगल ले गया। मां ने शोर मचाया तो परिवार के अन्य सदस्य और आस पड़ोस के लोग पहुंच गए। टॉर्च व मशालों की रोशनी में ग्रामीणों ने अंधेरे में रकमत का पता लगाने का हर संभव प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। शनिवार सुबह जंगल में एक जगह रकमत का शत विक्षित शव बरामद हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने जरूरी औपचारिकताओं के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। लोगों ने वन्य जीव संरक्षण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि इस इलाके में आदमखोर तेंदुए इंसानों पर कई बार हमले कर चुका है। कई लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं। यहां तैनात वन्य जीव संरक्षण विभाग के कर्मचारी ड्यूटी के प्रति लापरवाह हैं। मामला डीसी के संज्ञान में आने पर डीसी ने ड्यूटी में विभाग के दो कर्मचारियों हेल्पर वली मुहम्मद और फील्ड सुपरवाइजर अब्दुल रशीद को सस्पेंड करने के निर्देश जारी कर दिए।

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