संवाद सहयोगी, रियासी : कौसरनाग की पांचवीं वार्षिक छड़ी यात्रा मंगलवार को रियासी से रवाना हो गई। इससे पहले कस्बे में शोभायात्रा निकाली गई। नई बस्ती मंदिर से सुबह ढोल बाजों के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। इसमें कई साधु महात्माओं के अलावा स्थानीय श्रद्धालु भी शामिल हुए।

शिव व विष्णु भगवान के जयघोष लगाते हुए यात्रा में शामिल लोग कस्बे के मुख्य बाजार व रास्तों से होते हुए बस अड्डा पहुंचे। यहां स्थानीय विधायक बलदेव राज शर्मा द्वारा झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया गया। इसके बाद यात्री वाहनों में सवार होकर कौसरनाग की तरफ प्रस्थान कर गए। यात्रा वाहनों से चसाना पहुंचकर रात को विश्राम किया जाएगा। बुधवार को चसाना से चखलुर तक वाहनों में सफर करने के बाद वहां वाहनों को छोड़ दिया जाएगा। फिर लगभग ग्यारह किलोमीटर पैदल सफर तय कर बागसू पहुंचेगी। यहां रात को विश्राम के बाद 31 जुलाई को यात्रा बागसू से पैदल लगभग ग्यारह किलोमीटर सफर तय कर कौसरनाग पहुंचेगी। वहीं पर रात को विश्राम कर अगले दिन पहली अगस्त को नाग पंचमी के दिन कौसरनाग देव स्थान में पूजा अर्चना की जाएगी। यात्रा के साथ पुलिस व सुरक्षाबलों का दस्ता भी भेजा गया है। जबकि रास्ते में भी सुरक्षा बलों की जगह जगह अलग से तैनाती की गई है।

यात्रा की अध्यक्षता कर रहे स्वामी राम शरण दास व यात्रा समिति के प्रधान टाकन दास ने बताया कि कौसरनाग यात्रा में लगभग 22 किलोमीटर पैदल सफर है। इसमें लगभग एक किलोमीटर सफर बर्फ के रास्ते से तय करना पड़ता है। यात्रा में दामोदर दास त्यागी व भास्कर ब्रह्मचारी भी शामिल हैं।