कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश से बढ़ी ठंड; तेज हवाएं और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी
कश्मीर के ऊंचे पहाड़ों पर सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश से तापमान में गिरावट आई है।

कश्मीर के ऊंचे इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी।
HighLights
कश्मीर के ऊंचे पहाड़ों पर हुई सीजन की पहली बर्फबारी।
मैदानी इलाकों में बारिश से तापमान में आई गिरावट, बढ़ी ठंड।
मौसम विभाग ने 15 अक्टूबर तक बारिश-बर्फबारी का अनुमान जताया।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर में मौसम ने करवट ले ली है। ऊंचे पहाड़ों पर सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि घाटी के मैदानी इलाकों में बारिश से तापमान में गिरावट आई है।
सोनमर्ग के जीरो पॉइंट, बांडीपोरा के राजदान पास और गुलमर्ग की अफरवात पहाड़ियों पर ताजा बर्फबारी हुई है। मौसम में आए इस बदलाव के बीच मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में 15 अक्टूबर तक बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित सोनमर्ग के जीरो पॉइंट पर सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। इसके अलावा उत्तरी कश्मीर के बांडीपोरा जिले के राजदान पास और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग की अफरवात पहाड़ियों पर भी ताजा बर्फबारी हुई।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के साथ घाटी के मैदानी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। श्रीनगर समेत कई इलाकों में बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया। इस बदलाव के साथ लोगों को दिन के समय भी ठंड का एहसास होने लगा है।
15 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी की संभावना
मौसम विभाग, श्रीनगर के अनुसार, 15 अक्टूबर के बीच कश्मीर के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाएं और ओलावृष्टि भी हो सकती है।
विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्टूबर को मौसम सामान्यतः शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 17 से 24 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर में मौसम के ज्यादातर शुष्क रहने का अनुमान है।
बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को कटे हुए सेब और धान की फसल सुरक्षित रखने की सलाह दी है। वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों और पहाड़ी दर्रों से गुजरने वाले यात्रियों तथा वाहन चालकों को सावधानी बरतने और यातायात संबंधी सलाह का पालन करने को कहा गया है।
पहाड़ी रास्तों पर बर्फबारी और मौसम में अचानक बदलाव के कारण यात्रा की योजना बनाने वालों को निकलने से पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।
