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कश्मीर के माइनस तापमान में फर्राटे भरेगी वंदे भारत, कोहरे में भी साफ दिखेगा ट्रैक; ट्रेन में किए गए ये खास इंतजाम

Published: Fri, 18 Sep 2026 04:53 PM (IST)

Srinagar Vande Bharat: कश्मीर में बर्फीली सर्दी और माइनस तापमान में भी वंदे भारत ट्रेनें सुचारु रूप से चलेंगी। इसके ...और पढ़ें

कश्मीर के लिए वंदे भारत ट्रेन में किए गए खास बदलाव। (फाइल फोटो)

कश्मीर के लिए वंदे भारत ट्रेन में किए गए खास बदलाव (फाइल फोटो)

HighLights

  1. कश्मीर में माइनस तापमान में भी चलेगी वंदे भारत।

  2. पानी के पाइपों के लिए विशेष हीटिंग सिस्टम लगाया गया।

  3. घने कोहरे के लिए मजबूत डिफॉगिंग सिस्टम मौजूद।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर में जल्द ही बर्फीली सर्दी दस्तक देने वाली है। घाटी में पारा माइनस में पहुंचने और घने कोहरे के बीच जहां आम जनजीवन प्रभावित होता है, वहीं वंदे भारत को ऐसे मौसम में भी सुचारु रखने के लिए खास तकनीकी इंतजाम किए गए हैं। ताकि यात्रियों को सुविधाएं मिलती रहें और ट्रेन संचालन प्रभावित न हो।

चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) के एलएचपी डिवीजन के चीफ वर्कशॉप इंजीनियर अनुपम चौहान ने कश्मीर के लिए तैयार वंदे भारत ट्रेनों की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि बेहद ठंडे और चुनौतीपूर्ण मौसम में चलने वाली ट्रेनों को सामान्य ट्रेनों से अलग तरह की तकनीकी तैयारियों की जरूरत होती है।

वंदे भारत में माइनस में भी नहीं जमेगा पानी

कश्मीर की सर्दियों में जब तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है, तो पानी के जमने का खतरा बढ़ जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए कश्मीर के लिए तैयार वंदे भारत ट्रेन में वॉटर पाइप नेटवर्क के साथ विशेष हीटिंग सिस्टम लगाया गया है।

इसका उद्देश्य पाइपलाइनों में पानी को जमने से रोकना है। इससे अत्यधिक ठंड के दौरान भी ट्रेन के शौचालयों और अन्य सुविधाओं के लिए पानी की आपूर्ति बनी रह सकेगी। यानी बाहर बर्फीली हवाएं चल रही हों और तापमान माइनस में हो, तब भी ट्रेन के अंदर जरूरी सुविधाओं पर इसका असर कम से कम पड़ेगा।

घने कोहरे में भी साफ दिखेगा ट्रेक

सर्दियों में बर्फबारी के साथ कई इलाकों में घना कोहरा और शीशों पर नमी जमने की समस्या भी सामने आती है। यह खास तौर पर ट्रेन के ड्राइवर के लिए आगे की दृश्यता को प्रभावित कर सकती है।

इसी चुनौती से निपटने के लिए कश्मीर में चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों में मजबूत डिफॉगिंग सिस्टम लगाया गया है। यह सिस्टम आगे और पीछे के शीशों पर जमा होने वाली नमी और धुंध को हटाने में मदद करेगा, जिससे लोको पायलट को ट्रैक पर बेहतर दृश्यता मिल सके।

कश्मीर में सर्दियां रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेन संचालन के लिए कठिन परिस्थितियां पैदा करती हैं। ऐसे में इन विशेष तकनीकी व्यवस्थाओं को घाटी के मौसम के अनुरूप आधुनिक रेल सेवा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ठंड के बीच आधुनिक रेल सफर की तैयारी

रेलवे वंदे भारत ट्रेनों के उत्पादन को भी बढ़ा रहा है। चौहान के अनुसार, आने वाले समय में चार वंदे भारत चेयर-कार और चार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट तैयार किए जाने की योजना है। एक वंदे भारत फ्रेट ट्रेन पहले ही तैयार होकर ट्रायल से गुजर रही है, जबकि एक अन्य फ्रेट ट्रेन का निर्माण जारी है।

आपको बता दें कि चेन्नई में 1955 में स्थापित आइसीएफ देश की प्रमुख कोच निर्माण इकाइयों में शामिल है। अब यहां रेलवे की बदलती जरूरतों के अनुरूप आधुनिक वंदे भारत कोचों के उत्पादन पर भी जोर दिया जा रहा है।

ऐसे में आने वाली बर्फीली सर्दियों के बीच कश्मीर की वंदे भारत सेवा के लिए किए गए ये विशेष इंतजाम यात्रियों के सफर को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।