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कश्मीर में बदल रहा मौसम का पैटर्न! जुलाई में बाढ़ जैसे हालात, अगस्त में बारिश गायब; सितंबर में गर्मी, अब आगे क्या?

Published: Sun, 13 Sep 2026 07:00 AM (IST)

Kashmir Weather: कश्मीर घाटी में अगस्त में बारिश की कमी और सितंबर में असामान्य रूप से बढ़े तापमान ने चिंता ...और पढ़ें

घाटी में मौसम का बदलता पैटर्न चिंता का विषय। (फाइल फोटो)

घाटी में मौसम का बदलता पैटर्न चिंता का विषय। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. अगस्त में कश्मीर में 25% बारिश की कमी दर्ज हुई।

  2. सितंबर में श्रीनगर में असामान्य रूप से बढ़ा तापमान।

  3. 16 सितंबर से मौसम बदलने, तापमान गिरने की उम्मीद।

जागरण संवाददाता, श्रीनगर। घाटी में अनिश्चताओं से भरा मौसम लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। अगस्त में घाटी में बारिश की भारी कमी रही, जबकि सितंबर में दिन का तापमान असामान्य रूप से ज़्यादा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में कश्मीर में 615.2 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 815.5 मिमी होती है। यानी बारिश में 25 प्रतिशत की कमी रही।

यह कमी जुलाई के ठीक उलट स्थिति में आई है, जब जम्मू-कश्मीर में सामान्य 192.6 मिमी के मुकाबले 259.7 मिमी बारिश हुई थी। तब 35 प्रतिशत ज़्यादा बारिश दर्ज की गई थी और आठ महीने से चल रही सामान्य से कम बारिश का दौर खत्म हुआ था।

जुलाई की बारिश कश्मीर के लिए खास तौर पर अहम थी; बारामूला में 165 प्रतिशत, गांदरबल में 110 प्रतिशत और पुलवामा में 108 प्रतिशत ज़्यादा बारिश दर्ज की गई। श्रीनगर और अनंतनाग दोनों जगहों पर महीने के दौरान 71 प्रतिशत ज़्यादा बारिश हुई। अगस्त में आए इस बदलाव के बाद अब सितंबर में असामान्य गर्मी पड़ रही है।

श्रीनगर में 3 सितंबर को अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेलसियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 5 डिग्री सेलसियस ज़्यादा था, जबकि 9 सितंबर को तापमान 32.4 डिग्री तक पहुंच गया। सितंबर के शुरुआती नौ दिनों के मौसम के आंकड़ों से पता चलता है कि शहर का औसत तापमान 24.9 डिग्री सेलसियस रहा, जबकि सामान्य तापमान 20.2 डिग्री सेलसियस होता है; यानी इसमें 3.1 डिग्री सेलसियस का अंतर है।

16 सितंबर से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीगनर के निदेशक डॉ. मुख्तार अहमद ने कहा कि ज़्यादातर मौसम के शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि कुछ जगहों पर थोड़ी देर के लिए बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। उन्होंने कहा, 'मौजूदा हालात से फिलहाल लंबे समय तक बारिश का कोई दौर नहीं दिख रहा है, हालांकि आने वाले दिनों में मौसम का मिज़ाज बदल सकता है।

मौसम विशेषज्ञ फैज़ान आरिफ़ ने कहा कि मौजूदा गर्मी उतनी तेज़ी से बनी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, 'हम 16 सितंबर से दिन के तापमान में गिरावट की उम्मीद कर सकते हैं क्योंकि मौसम के हालात बदलने लगेंगे।यह असामान्य गर्मी ऐसे समय में पड़ी है जब सितंबर में आमतौर पर मौसम ठंडा होने लगता है और पतझड़ की शुरुआत होती है।

श्रीनगर की गर्मी ने चौंकाया

महीने के शुरुआती 9 दिनों में श्रीनगर में दिन का तापमान बार-बार 30 डिग्री तक पहुँचा या उससे ज़्यादा रहा; अब तक सबसे ज़्यादा तापमान 32.5 डिग्री दर्ज किया गया है। बारिश का पैटर्न भी काफी हैरान करने वाला है। लगातार आठ महीनों तक सामान्य से कम बारिश के बाद, जुलाई में ज़रूरत से ज़्यादा बारिश हुई, लेकिन अगस्त में फिर से बारिश की कमी देखी गई।

महीने-दर-महीने होने वाले इस बड़े बदलाव से पता चलता है कि असली चिंता सिर्फ़ यह नहीं है कि कश्मीर में बारिश कम हुई या ज़्यादा, बल्कि यह है कि बारिश कब और कितनी ज़ोरदार हुई।देश भर के हालात को देखें तो भी जल्द ही लगातार बारिश वाला मौसम लौटने के कोई संकेत नहीं हैं।

मौसम विशेषज्ञ ने जताई बड़ी चिंता

आईएमडी ने सितंबर में पूरे देश में सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है; देश में इस महीने के लिए औसत बारिश (लांग पीरियड एवरेज) का 91 प्रतिशत से भी कम बारिश होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार कश्मीर के लिए, अगस्त में कम बारिश और सितंबर में ज़्यादा तापमान का मिला-जुला असर जल संसाधनों, खेती और मौसम के बदलाव पर पड़ सकता है, खासकर अगर सूखा मौसम बना रहता है।

साथ ही, इस इलाके के हाल के मौसम का इतिहास बताता है कि सूखे के दौर के बाद कम समय में भारी बारिश, बादल फटने और किसी खास इलाके में बहुत ज़्यादा बारिश जैसी घटनाएं हो सकती हैं। आरिफ ने कहा, इस साल पहले ही कई बार मौसम के कड़े तेवर देखने को मिले हैं, जो घाटी में बारिश के पैटर्न में बढ़ते उतार-चढ़ाव को दिखाते हैं। हालांकि, दिन के तापमान में गिरावट से थोड़ी राहत मिल सकती है।

आरिफ़ ने उम्मीद जताई कि 16 सितंबर से तापमान कम होने लगेगा, जिससे घाटी में मौसम के सामान्य पतझड़ वाले हालात लौटने की संभावना है।