जम्मू-कश्मीर: उड़ी-बारामूला हाईवे 3 दिन से बंद, 50 से ज्यादा गांवों में बिजली गुल; मलबा हटाने में देरी पर लोग भड़के
भारी बारिश के कारण राजरवानी में हुए भूस्खलन से ऊड़ी-बारामूला हाईवे तीन दिनों से बंद है, जिससे 50 से अधिक ...और पढ़ें

राजरवानी भूस्खलन से ऊड़ी-बारामूला हाईवे बंद।
HighLights
राजरवानी भूस्खलन से ऊड़ी-बारामूला हाईवे तीन दिन से बंद।
50 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप, लोग आक्रोशित।
मलबा हटाने का काम धीमा, शनिवार दोपहर तक खुलने की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। हालिया भारी बारिश के कारण राजरवानी इलाके में हुए बड़े भूस्खलन की वजह से उड़ी-बारामूला हाईवे बंद है। 50 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। लंबे समय तक रास्ता बंद रहने से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। उन्होंने प्रशासन और काम करने वाली एजेंसी पर आरोप लगाया कि वे सड़क संपर्क और बिजली आपूर्ति को जल्द बहाल करने में नाकाम रहे हैं।
लोगों का कहना है कि मलबा हटाने का काम बहुत धीमी गति से हो रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह हाईवे उड़ी को बारामूला और कश्मीर के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला एक अहम रास्ता है, जो पिछले तीन दिनों से बंद पड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मलबा हटाने का काम शाम को रोक दिया जाता है और अगली सुबह फिर शुरू होता है, जिससे यातायात बहाल होने में देरी हो रही है।
स्थानीय लोगों ने सवाल किया कि कमर्चारी सड़क खोलने के लिए रात भर काम क्यों नहीं करते? वे शाम 6 बजे काम रोक देते हैं और सुबह 8 बजे फिर शुरू करते हैं। ऐसा लगता है कि वे सड़क या बिजली बहाल करने को लेकर गंभीर ही नहीं हैं।
क्या बोले अधिकारी?
अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटाने का काम चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर मलबा पूरी तरह हटा लिया जाता है और प्रभावित हिस्से को साफ कर दिया जाता है, तो जल्द यातायात बहाल हो जाएगा। भूस्खलन से बिजली के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
इसमें 33-केवी की एक पावर लाइन और बिजली के करीब चार खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके चलते उरी इलाके के 50 से अधिक गांवों में बिजली नहीं है।
अधिकारियों का कहना है कि हाईवे के प्रभावित हिस्से से मलबा हटाने के लिए टीमें काम कर रही हैं। चूंकि यहां बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है, इसलिए हमें उम्मीद है कि हाईवे यातायात के लिए फिर से खुल जाएगा। हमारी टीमें जल्द से जल्द इसे बहाल करने के लिए काम कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि मोहरा रिसीविंग स्टेशन के आगे भारी नुकसान और सड़क साफ न होने के कारण बिजली बहाल करने के काम में देरी हुई है, जिससे प्रभावित बुनियादी ढांचे तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। सड़क के लंबे समय तक बंद रहने से उरी-बारामूला राजमार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।
सड़क निर्माण में रुकावट से स्थानीय लोग परेशान
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब से सड़क चौड़ी करने का काम शुरू हुआ है, तब से बार-बार रुकावट आना एक आम समस्या बन गई है। उन्होंने बताया कि सड़क के बार-बार बंद होने से लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही, जरूरी सामान की आपूर्ति और सेवाओं तक पहुंच पर बुरा असर पड़ रहा है।
साथ ही, यात्रियों को लंबे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से आग्रह किया है कि वे जल्द से जल्द मलबा हटाकर यातायात बहाल करें और क्षतिग्रस्त बिजली ढांचे की मरम्मत करें, ताकि प्रभावित लोगों को कुछ राहत मिल सके।
