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जम्मू-कश्मीर में निर्माणाधीन टनल बनी काल! उड़ी में चट्टान की चपेट में आए मजदूर की मौत, इकलौता कमाने वाला था जावेद

Published: Thu, 10 Sep 2026 01:50 PM (IST)

उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले के उड़ी में निर्माणाधीन एनएचपीसी जलविद्युत परियोजना की टनल में चट्टान खिसकने से एक मजदूर ...और पढ़ें

जावेद की मौत की खबर सुनते ही उसके गांव में मातम पसर गया। (फाइल फोटो)

जावेद की मौत की खबर सुनते ही उसके गांव में मातम पसर गया। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. उड़ी टनल में चट्टान खिसकने से मजदूर जावेद अहमद की मौत।

  2. निर्माणाधीन एनएचपीसी परियोजना में सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल।

  3. ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच और मृतक परिवार को मुआवजे की मांग की।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले के उड़ी तहसील में निर्माणाधीन एनएचपीसी उड़ी-1 स्टेज-2 जलविद्युत परियोजना की टनल एक बार फिर मजदूर की जान ले गई। टनल के अंदर काम के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए एक मजदूर ने बुधवार को एसकेआइएमएस सौरा में दम तोड़ दिया।

इस हादसे के बाद इलाके में गम और गुस्से का माहौल है और निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की पहचान जावेद अहमद बाटला उर्फ जावेद खान निवासी प्रिंगल बोनियार के रूप में हुई है। जावेद एक्स इर्न्फा कंपनी के लिए टनल साइट पर मजदूरी का काम कर रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, मंगलवार रात जावेद टनल के अंदर काम कर रहा था, तभी अचानक ऊपर से एक बड़ी चट्टान खिसक कर उस पर आ गिरी। चट्टान लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी मजदूरों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

परिवार का इकलौता कमाने वाला था

हादसे के बाद जावेद को सबसे पहले पीएचसी बोनियार ले जाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जीएमसी बारामूला रेफर कर दिया। वहां भी हालत में सुधार न होने पर उसे श्रीनगर के एसकेआइएमएस सौरा रेफर किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार को उसने अंतिम सांस ली। जावेद की मौत की खबर सुनते ही उसके गांव प्रिंगल में मातम पसर गया। वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश

इस मौत ने एनएचपीसी साइट पर सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि टनल के अंदर काम के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त और जरूरी एहतियाती उपाय नहीं किए गए थे। न हेलमेट और सेफ्टी गियर की समुचित व्यवस्था थी, न ही चट्टान खिसकने से रोकने के लिए कोई मजबूत सपोर्ट सिस्टम।

ग्रामीणों ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। टनल में पहले भी छोटे-बड़े हादसे होते रहे हैं, लेकिन कंपनी सबक नहीं ले रही। गरीब मजदूरों की जान की कीमत पर प्रोजेक्ट पूरा किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी कंपनी और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और नौकरी दी जाए।

हादसे के कारणों की जांच की जा रही

वहीं पुलिस ने इस घटना का संज्ञान ले लिया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।