राज्य ब्यूरो, जम्मू: उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में कोविड के मरीजों की अस्पताल से छुट्टी के बाद विवाद पैदा हो गया। दो मरीजों को छुट्टी मिलने के बाद उनके टेस्ट पाजिटिव आ गए। हारडू गांव के लोगों ने इसे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बताया।

परिजनों का आरोप है कि दोनों मरीजों के सैंपल 18 मई को लिए गए थे, लेकिन दोनों को छुट्टी दे दी गई। उन्हें रिकवरी प्रमाणपत्र दिया गया। दोनों ही मरीज पहले चार और पांच अप्रैल को संक्रमित पाए गए थे। अब शनिवार को इन दोनों के टेस्ट फिर से पाजिटिव आ गए। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जब उन्हें लेने और परिजनों को क्वारंटाइन करने के लिए पहुंची तो उन्होंने विरोध किया। वे उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे, जिन्होंने दोनों को ठीक बताया था।

बीएमओ सोपोर डॉ. आसिफ खांडे का कहना है कि नए दिशा निर्देशों में यह कहा गया है कि अगर दस दिनों के इलाज के बाद मरीज को कोई लक्षण नहीं आते हैं तो उसे बिना टेस्ट के छुट्टी दी जा सकती है। दोनों के सैंपल सिर्फ स्टडी के लिए लिए गए थे। उन्होंने कहा कि जिले में यह अकेला कोविड अस्पताल है। हम केंद्र के दिशा निर्देशों का पालन कर रहे हें।

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जवानों ने करवाई जांच

सीमा सुरक्षा बल के कई जवानों ने शनिवार को गांधीनगर अस्पताल में अपनी जांच करवाई। यह जवान गाड़ियों में आए और अपने सैंपल जांच के लिए दिए। अधिकारियों ने बताया कि इनमें कई जवान ऐसे हैं जो कि छुट्टी पर घर जा रहे हैं या फिर छुट्टी काट कर वापस आ रहे हें। इसीलिए उनके टेस्ट किए जा रहे हैं।

Posted By: Jagran

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