श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। जम्मू कश्मीर में बदल रही प्रशासनिक व्यवस्था के बीच प्रशासन ने सरकारी तंत्र में छिपे अलगाववादियों व आतंकयों के समर्थकों व पाकिस्तानी एजेंटों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरु कर दी है। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में दो सरकारी कर्मियों को कथित तौर पर लाेगों में जिहादी भावनाओं को भड़काने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। दोनों आरोपितों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरु कर दी गई है। इसके अलावा राज्य पुलिस के खुफिया विभाग और अन्य संगठनों को भी प्रशासन ने विभिन्न विभागों में बैठे अलगाववादियों व आतंकियों के समर्थकों का पूरा ब्यौरा तैयार करने का जिम्मा सौंपा है।

संबधित अधिकारियों ने बताया कि निलंबित किए गए दोनों आरोपितों में एक राजस्व विभाग में पटवारी है और एक अन्य सरकारी अध्यापक है। दोनों को अगले आदेश तक अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट पुलवामा के कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। इन दोनों ने गत गत बुधवार के ललहार पुलवामा में अंसार उल गजवात ए हिंद के कमांडर अब्दुल हमीद लोन उर्फ लल्हारी के जनाजे के दौरान मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए धार्मिक भावनाओं को भड़काते हुए एक जिहादी भाषण दिया था। अपने भाषण में इन दोनों ने तथाकथित तौर पर आतंकवाद को सही ठहराते हुए लोगों में राष्ट्रविरोधी भावनाओं को पैदा करने का प्रयास किया। इन दोनों के बारे में मिली शिकायत के आधार पर ही जिला मैजिस्ट्रेट पुलवामा डा राघव लंगर ने कार्रवाई करते हुए इन्हें निंलबित किया है।

उन्होंने बताया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरु की गई है। जांच में सभी आरोप सही पाए जाने पर पुलिस इन दोनों के खिलाफ राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में सलिंप्तता के आधार पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करेगी।

इस बीच, सूत्राें ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रशासनिक तंत्र में विभिन्न स्तरों पर अलगाववादी और आतंकी तत्वों के समर्थकों का पता लगा उनकी नकेल कसने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के खुफिया तंत्र अन्य सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वह विभिन्न सरकारी विभागोंं में कार्यरत ऐसे सभी तत्वों का पता लगाएं जिनका अलगाववादिियें और आतंकियों के साथ किसी भी तरह का कनेक्शन है।

इसके अलावा इन लोगों की गतिविधियों का भी ब्यौरा तैयार करने अलावा यह भी पता लगाया जाए कि क्या यह कभी खुद भी राष्ट्रविरोधी प्रदर्शनों, हिंसक घटनाओं, पथराव में शामिल रह हैं या नहीं। इनके खिलाफ अगर कोई मामला किसी थाने में दर्ज है या अदालत में मामला विचाराधी है तो उसकी मौजूदा स्थिति पर भी रिपोर्ट तैयार की जाए। अगर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में कथित सलिंप्तता के आधार किसी निलंबित या सेवामुक्त किए गए अधिकारी अथवा कर्मी को दोबारा बहाल किया गया है तो उसकी बहाली के कारणों का भी संबधित रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख मांगा गया है। 

Posted By: Rahul Sharma

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