श्रीनगर में विधानसभा सत्र के पहले दिन ट्रैफिक ने छुड़ाए पसीने, लालचौक समेत कई इलाकों में जाम; रूट डायवर्जन भी बेअसर
श्रीनगर में विधानसभा सत्र के पहले दिन लालचौक सहित कई इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम देखा गया, जिससे लोगों को ...और पढ़ें

श्रीनगर में विधानसभा सत्र के पहले दिन ट्रैफिक जाम ने लोगों को किया बेहाल। (फाइल फोटो)
HighLights
विधानसभा सत्र के पहले दिन श्रीनगर में भारी जाम।
लालचौक सहित कई इलाकों में घंटों फंसी रहीं गाड़ियां।
रूट डायवर्जन के बावजूद वाहन चालकों की मनमानी से दिक्कत।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। घाटी में सोमवार को विधानसभा सत्रशुरू होते ही जहां सदन में जोरदार हंगामा हुआ, वहीं सदन के बाहर श्रीनगर की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम से लोग बेहाल हो गए। लालचौक, बटमालू, करननगर, बरजुल्ला, बटमालू, डलगेट, बरबरशाह, मगरमल बाग आदि इलाकों में जाम के चलते सड़कों पर घंटों गाड़ियां फंसी रहीं। भारी जाम के चलते ज्यादातर यात्री पैदल अपने-अपने गंतव्यों की तरफ जाते नजर आए।
हालांकि, विधानसभा सत्र के शुरू होने के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने लालचौक की तरफ आने वाले ट्रैफिक के रूट बदल दिए थे, ताकि विधानसभा के आसपास ट्रैफिक का दबाव कम रहे। लेकिन इसके बावजूद लालचौक और इससे सटे अन्य इलाकों में जबरदस्त ट्रैफिक जाम लगा रहा। घंटों तक लगे इस जाम के चलते आम लोगों, विशेषकर छात्रों, कर्मचारियों और अस्पताल जाने वाले मरीजों को बेशुमार दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ट्रैफिक जाम में फंसे छात्र सामिल फारूक नामक ने कहा, 'मैं एसपी कालेज में पड़ता हूं। हमारी फिजिक्स क्लास सुबह 10:10 पर शुरू हो जाती है। मुझे पता था कि आज से एसेंबली सेशन शुरू हो रहा है। यह भी पता था कि ट्रैफिक रूट डायवर्ट किए गए हैं लेकिन साथ में यह भी पता था कि ट्रैफिक जाम होगा ही होगा।
'घर से डेढ़ घंटा जल्दी निकल गया था'
सामिल ने कहा, 'हालांकि, मैं घर से डेढ़ घंटा जल्दी निकल गया था, ताकि समय पर कॉलेज पहुंच सकूं। लेकिन 10:30 बज गए हैं और मैं अभी भी जाम में ही फंसा हुआ हूं।' सामिल की तरह अधिकांश लोग भी भारी ट्रैफिक जाम के चलते समय पर अपने-अपने गंतव्यों तक नहीं पहुंच सके।
क्या बोले ट्रैफिक पुलिस अधिकारी?
इधर, ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लोगों द्वारा ट्रैफिक डायवर्जन को गंभीरता से नहीं लेने के कारण जाम की स्थिति बनी रही। एक अधिकारी ने कहा, 'हमने ट्रैफिक रूटों को इसलिए डायवर्ट किया था, ताकि लालचौक और इसके आसपास जाम की समस्या पैदा न हो और लोग भी आसानी से अपनी-अपनी मंजिल तक पहुंच सकें, लेकिन वाहन चालक फिर भी मनमानी करते रहे। नतीजतन, उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।'
